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बलोचों ने जिस ऑपरेशन से मचाई PAK में तबाही, उसका नाम रखा हेरोफ... क्या है इसका मतलब?

पाकिस्तान इन दिनों उस ऑपरेशन से हिल गया है जिसे बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 'ऑपरेशन हेरोफ़ 2.0' नाम दिया है. यह ऑपरेशन पाकिस्तानी सेना के लिए दहशत का सबब बन गया है.

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लोच लड़ाकों ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ाई हुई है( Photo:Reuters)
लोच लड़ाकों ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ाई हुई है( Photo:Reuters)

पाकिस्तान इस समय उस बड़े हमले से परेशान है जिसे बलोच लिबरेशन आर्मी ने 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0' नाम दिया है. बलोच लड़ाकों द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान पाकिस्तानी सुरक्षा व्यवस्था के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है. पिछले 10 से 15 घंटों में बलोचिस्तान के कई इलाकों की स्थिति अचानक बदल गई है और कई जगहों पर पाकिस्तानी सेना का नियंत्रण ढहने लगा है.

बलोच संगठन के दावे के अनुसार उनके लड़ाकों ने एक साथ 14 अलग-अलग शहरों में 48 टारगेट्स पर हमला किया. इन हमलों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया. संगठन का दावा है कि इन बड़े हमलों में 84 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और 18 सैनिकों को बंदी बना लिया गया है. साथ ही उनका कहना है कि उन्होंने क्वेटा, नुस्की, कलात, दलबदीन, खारन, पंजगुर, ग्वादर और पशनी जैसे कई महत्वपूर्ण शहरों पर अपनी पकड़ बना ली है.

यह पहली बार नहीं है जब बलोच लड़ाकों ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ाई हों. इससे पहले भी वे कई बार बड़े हमले करके सेना को चुनौती देते रहे हैं. लेकिन इस बार हमलों का पैमाना और तैयारी कहीं ज्यादा व्यापक है. इसी वजह से ऑपरेशन हेरोफ 2.0 को अब तक का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर 'हेरोफ' शब्द का मतलब क्या है और बलोच लड़ाके इसे इतना महत्वपूर्ण क्यों मानते हैं.

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'हेरोफ' नाम का असली मतलब क्या है?

ऑपरेशन हेरोफ का नाम बलूची और ब्राहुई भाषा से आता है. यहां 'हेरोफ' का अर्थ होता है काला तूफान (Black Storm). यह नाम अभियान की प्रकृति को पूरी तरह दर्शाता है. जैसे एक अंधेरा तूफान जो तेज, हिंसक और विनाशकारी होता है और सामने आने वाली हर चीज को हिला देता है. बलोच लड़ाके इस नाम को अपनी आजादी की लड़ाई का प्रतीक मानते हैं. उनके लिए 'हेरोफ' उस तूफान की तरह है जो पाकिस्तान के नियंत्रण को मिटाकर उनकी स्वतंत्रता की लड़ाई को तेज करेगा.

यह नाम पहली बार अगस्त 2024 में चलाए गए ऑपरेशन के पहले चरण में इस्तेमाल किया गया था. अब जनवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ दूसरा चरण, यानी 'हेरोफ 2.0', इससे भी बड़े पैमाने पर सामने आया है.

ऑपरेशन हेरोफ कैसे चल रहा है?

ऑपरेशन हेरोफ बलूचिस्तान में चलाया जा रहा एक बड़ा सशस्त्र अभियान है. इस अभियान में बलोच लड़ाकों की कई यूनिट्स शामिल हैं, जिनमें फिदाईन हमलावर, मजीद ब्रिगेड, फतेह स्क्वाड, इंटेलिजेंस विंग और विशेष टैक्टिकल टीमें शामिल हैं. इन सभी ने अलग-अलग शहरों में एक साथ हमले किए. इस वजह से पाकिस्तानी सेना को जवाब देने का समय ही नहीं मिला.

रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावरों ने 30 से ज्यादा सरकारी संपत्तियों पर कब्जा किया है. सरकारी बैंक, जेलें, दफ्तर और कई सैन्य ठिकाने उनके नियंत्रण में चले गए. कई जगहों पर इमारतें और सैन्य वाहन जला दिए गए. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कई पाकिस्तानी सैनिक पोस्ट छोड़कर भागते नजर आए.

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पाकिस्तानी सरकार की ओर से दावा किया गया है कि इन झड़पों में लगभग 200 लोग मारे गए हैं, जिनमें बलोच लड़ाकों और आम नागरिकों की मौत भी शामिल है. हालांकि जमीनी हालात बताते हैं कि संघर्ष अभी भी जारी है और बलोचिस्तान पाकिस्तान के लिए एक बड़े सैन्य संकट की तरह खड़ा हो चुका है.

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