अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई बड़ा फैसला नहीं, बल्कि व्हाइट हाउस में हुआ एक अनोखा नजारा है. सोमवार को ट्रंप ने मैकडॉनल्ड्स का अपना लंच ऑर्डर खुद दरवाजे पर जाकर लिया और वहीं मीडिया से बात करने लगे.यह घटना ऐसे वक्त हुई जब अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव की स्थिति में था. साथ ही ट्रंप एक AI फोटो को लेकर भी चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने खुद को जीसस क्राइस्ट के रूप में दिखाया था. बाद में उन्होंने यह पोस्ट हटा दिया.
व्हाइट हाउस में ‘डिलीवरी सीन’
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कोई पहले से तय प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं थी, लेकिन सब कुछ प्लान्ड लग रहा था. दोपहर में मीडिया को ओवल ऑफिस के बाहर बुलाया गया. तभी एक डिलीवरी ड्राइवर आई और दरवाजा खटखटाकर 'मैकडॉनल्ड्स!' कहा. ट्रंप ने दरवाजा खोला, ऑर्डर लिया और ड्राइवर को अपने पास खड़ा कर लिया. इसके बाद उन्होंने वहीं खड़े होकर पत्रकारों से बातचीत शुरू कर दी.ड्राइवर ने भी ट्रंप की 'नो टैक्स ऑन टिप्स' नीति की तारीफ की. यह वही नीति है, जिसे ट्रंप ने 2024 चुनाव में उठाया था और बाद में कानून बनाया गया.
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले ट्रंप
डिलीवरी लेने के बाद ट्रंप ने तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू कर दी. उन्होंने ईरान के साथ चल रहे विवाद पर बात की और कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा उसका परमाणु कार्यक्रम है. उन्होंने साफ कहा कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं होगा.जब उनसे एआई फोटो के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह खुद को डॉक्टर के रूप में दिखाना चाहते थे, जो लोगों को ठीक करता है.
ट्रंप क्यों कर रहे हैं ऐसा
बताया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप इस समय ईरान के साथ चल रहे तनाव में घिरे हुए हैं. इसी बीच अमेरिका में उनकी लोकप्रियता भी लगातार गिर रही है. हाल ही में उन्होंने एक एआई तस्वीर शेयर की थी, जिसमें खुद को जीसस क्राइस्ट के रूप में दिखाया गया था, जिस पर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी अप्रूवल रेटिंग करीब 35–39% तक पहुंच गई है, जबकि डिसअप्रूवल 56–58% के बीच बताई जा रही है. यह उनके दूसरे कार्यकाल का अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है.
ऐसे माहौल में व्हाइट हाउस में मैकडॉनल्ड्स से बर्गर मंगवाने का उनका कदम एक 'मीडिया ड्रामा' के तौर पर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि इसके जरिए ट्रंप लोगों का ध्यान अपनी नीतियों, खासकर 'नो टैक्स ऑन टिप्स' जैसे मुद्दों की ओर खींचना चाहते हैं, ताकि चर्चा उनके फैसलों पर हो.