ट्रेन में सफर के दौरान शांति और आराम की उम्मीद रखने वाले एक यात्री को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा जब एक परिवार ने पूरे डिब्बे को ही “रील स्टूडियो” बना दिया. मामला गरीब रथ एक्सप्रेस का है, जिसमें बिलासपुर से लखनऊ जा रहे एक यात्री ने इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया. यात्री मनमोहन वर्मा के मुताबिक, ट्रेन के कोच में सफर कर रहा एक परिवार तेज म्यूजिक बजाकर नाच रहा था और लगातार रील बना रहा था. वीडियो में देखा जा सकता है कि परिवार के कुछ लोग कोच के बीच में डांस कर रहे हैं और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं. एक व्यक्ति तो रेलवे की चादर सिर पर ओढ़कर नाचता भी दिखाई देता है.
ट्रेन कोच बना लाइव रियलिटी शो
यात्री मनमोहन वर्मा ने अपनी पोस्ट में लिखा- आज बिलासपुर से लखनऊ तक गरीब रथ एक्सप्रेस में सफर करते समय एक अजीब अनुभव हुआ. जो यात्रा शांत और आरामदायक होनी चाहिए थी, वह अचानक एक तरह के “लाइव रियलिटी शो” में बदल गई. ट्रेन के कोच में सफर कर रहा एक बड़ा परिवार तेज म्यूजिक बजाकर चिल्ला रहा था, डांस कर रहा था और लगातार रील बना रहा था. ऐसा लग रहा था जैसे ट्रेन का डिब्बा उनका निजी स्टूडियो हो. इस वजह से बाकी यात्रियों को काफी परेशानी हो रही थी, क्योंकि कई लोग शांति से सफर करना चाहते थे. कई घंटे तक शोर-शराबा चलता रहा, जिसके बाद आखिरकार मुझे रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल करके शिकायत करनी पड़ी. अच्छी बात यह रही कि रेलवे पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की, कोच में पहुंचकर स्थिति को संभाला और माहौल शांत कराया.

लेकिन इस घटना ने एक सवाल जरूर खड़ा कर दिया कि सफर के दौरान कई लोग दूसरों की सुविधा का ध्यान क्यों नहीं रखते. ट्रेन का डिब्बा एक साझा जगह होती है, जहां सभी यात्रियों को मिलकर सफर करना होता है. यहां बुनियादी शिष्टाचार बहुत जरूरी है, जैसे तेज आवाज में म्यूजिक न बजाना, दूसरों की शांति का सम्मान करना और यह समझना कि आराम सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सभी यात्रियों का अधिकार है. सफर तब खूबसूरत बनता है जब लोग एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं. लेकिन आज का अनुभव यह याद दिला गया कि कई बार ट्रेन में “सिविक सेंस” यानी नागरिक समझ सबसे कम दिखाई देती है. उम्मीद है कि आगे की यात्राएं ज्यादा शांत और सुखद होंगी.
रेलवे से यात्री ने मांगी मदद
वर्मा ने बताया कि इस शोर और हंगामे की वजह से बाकी यात्रियों को काफी दिक्कत हो रही थी. जहां लोगों को आराम से सफर करना चाहिए था, वहां पूरा कोच एक तरह से रियलिटी शो जैसा माहौल बन गया था. तेज म्यूजिक, चिल्लाना और लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग की वजह से कई यात्री परेशान हो गए. कई घंटे तक यह सब चलता रहा, जिसके बाद आखिरकार वर्मा ने रेलवे हेल्पलाइन पर कॉल करके शिकायत की. शिकायत मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और स्थिति को शांत कराया, जिससे बाकी यात्रियों को राहत मिली.
कई लोगों ने शेयर किए अपने अनुभव
इस घटना के बाद वर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ट्रेन का डिब्बा एक शेयर्ड जगह होती है, कोई निजी स्टूडियो या पार्टी हॉल नहीं. उन्होंने कहा कि सफर के दौरान सभी यात्रियों को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और शोर-शराबा करने से बचना चाहिए. वर्मा की इस पोस्ट के बाद कई लोगों ने भी अपने अनुभव शेयर किए. कुछ यूजर्स ने बताया कि उन्हें भी ट्रेन में सफर के दौरान इसी तरह के हालात का सामना करना पड़ा है. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई कि सार्वजनिक जगहों पर लोगों को दूसरों की सुविधा का भी ध्यान रखना चाहिए.