भगवान गौतम बुद्ध ने कहा था कि जीवन का सच समझने के लिए सबसे पहले यह मानना जरूरी है कि दुनिया में दुख मौजूद है. हर इंसान किसी न किसी परेशानी से गुजर रहा होता है. किसी को नौकरी की चिंता है. किसी को रिश्तों का दर्द है. कोई जीवन के हालात से परेशान है.
इंसान की फितरत होती है कि उसे कोई ऐसा मिले जो उसकी बात सुने. जो उसे समझे. कभी-कभी ऐसा साथी दोस्त, परिवार या रिश्तों में मिल जाता है. कोई अपने दोस्त को दिल की बात बता देता है. कोई भगवान के सामने अपना दुख कह देता है.लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि इंसान के पास अपनी बात कहने वाला कोई नहीं होता. वह अपने दुख को भीतर ही दबाकर जीता रहता है. ऐसे ही हालात से एक अनोखा बिजनेस आइडिया निकल कर सामने आया है-दुख सुनने का बिजनेस.
मुंबई के बीच पर दिखा अनोखा नजारा
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो मुंबई के एक बीच का है. वीडियो में एक शख्स समुद्र किनारे बोर्ड लगाकर बैठा दिखाई देता है. उस बोर्ड पर अलग-अलग तरह के दुख सुनने की कीमत लिखी हुई है.
बोर्ड पर लिखा है:
मामूली दुख सुनने के लिए 250 रुपये
बहुत बड़ा दुख सुनने के लिए 500 रुपये
साथ में बैठकर रोने के लिए 1000 रुपये
इस अजीब बिजनेस आइडिया को देखकर कई लोग हैरान रह गए. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.वीडियो में दिखने वाला शख्स दावा करता है कि वह लोगों की परेशानियां सुनता है और इसी से कमाई करता है.उसके मुताबिक कई लोग सीधे उसके पास आकर अपनी कहानी बताते हैं. कुछ लोग फोन पर भी अपनी समस्याएं शेयर करते हैं. वह बस उन्हें सुनता है और बदले में पैसे लेता है.
दुनिया में पहले से मौजूद है ऐसा कॉन्सेप्ट
दरअसल, यह आइडिया बिल्कुल नया नहीं है. दुनिया के कई देशों में इसी तरह की सेवाएं पहले से मौजूद हैं.अमेरिका में इसे एक बड़ा मार्केट माना जाता है. वहां कडलिस्ट डॉट कॉम जैसी वेबसाइट्स पर सैकड़ों प्रोफेशनल लोग इस तरह की सेवाएं देते हैं. वहां लोग प्रति घंटे 80 से 150 डॉलर तक चार्ज करते हैं. पोर्टलैंड, न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया जैसे शहरों में यह काफी आम हो चुका है.कई लोग अकेलेपन या भावनात्मक खालीपन के कारण ऐसे लोगों से बात करने जाते हैं.
देखें वायरल वीडियो
जापान में भी है ऐसा ट्रेंड
जापान में भी इस तरह की सेवाएं काफी समय से मौजूद हैं. वहां “कडल कैफे” या “सोइनेया” जैसे कैफे चलते हैं. यहां लोग पैसे देकर किसी के साथ बैठ सकते हैं, गले मिल सकते हैं या बस बात कर सकते हैं.जापान में अकेलेपन की समस्या बहुत बड़ी मानी जाती है. वहां कई लोग लंबे समय तक समाज से कटकर रहते हैं, जिसे हिकिकोमोरी कल्चर कहा जाता है. इसी वजह से इस तरह की सेवाएं वहां लोकप्रिय हो गई हैं.
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय
मुंबई वाले इस वीडियो ने एक बार फिर इस अनोखे बिजनेस को चर्चा में ला दिया है. कुछ लोग इसे अजीब बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि अगर किसी को अपनी बात कहने का मौका मिल जाए तो यह अच्छी बात है. कुल मिलाकर, यह वीडियो लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि आज की तेज जिंदगी में शायद सबसे बड़ी जरूरत किसी ऐसे इंसान की है जो बस धैर्य से किसी की बात सुन सके.