जापान में स्कूलों में पहने जाने वाले लड़कियों के पुराने इंडोर जूतों की ऑनलाइन बिक्री को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर लोग इस ट्रेंड की जमकर आलोचना कर रहे हैं और इसे बेहद अजीब और गलत मानसिकता से जोड़कर देख रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि इस्तेमाल किए हुए स्कूल जूतों को इस तरह बेचना युवा लड़कियों को गलत नजर से देखने को बढ़ावा देता है. दरअसल, जापान में घर, स्कूल और कई सार्वजनिक जगहों के अंदर बाहर वाले जूते पहनकर जाना सही नहीं माना जाता. वहां लोग साफ-सफाई और सम्मान के लिए अलग इंडोर जूते पहनते हैं, जिन्हें ‘उवाबाकी’ कहा जाता है. अब इन्हीं जूतों की ऑनलाइन बिक्री चर्चा और विवाद का विषय बन गई है.

साउथ चाइना पोस्ट के अनुसार, ये जूते आमतौर पर सफेद रंग के होते हैं और दिखने में बैले डांस वाले जूतों जैसे लगते हैं. किंडरगार्टन से लेकर कॉलेज तक के छात्र स्कूल में एंटर करते समय अपने बाहरी जूते बदलकर ये इंडोर जूते पहनते हैं. कई छात्र अपने जूतों पर नाम, क्लास की जानकारी या छोटे डिजाइन भी बना लेते हैं ताकि वे आसानी से पहचाने जा सकें. हर साल स्कूलों में पढ़ाई खत्म होने और ग्रेजुएशन के समय छात्र अक्सर अपने पुराने सामान बेचते हैं. इसी दौरान इंडोर जूते भी ऑनलाइन सेल के लिए दिखाई देते हैं. लेकिन आमतौर पर ये जूते नए जैसे या कम इस्तेमाल किए हुए होते हैं.

काफी महंगे बिकते हैं ये जूते
हाल ही में कुछ ऐसे जूतों की बिक्री ने लोगों का ध्यान खींचा जो काफी पुराने, गंदे और घिसे हुए थे. एक जोड़ी जूते, जो जापान के साइटामा प्रांत से भेजे जा रहे थे, करीब 6,900 येन यानी लगभग 44 डॉलर में ऑनलाइन बेचे जा रहे थे. उस जूते के डिटेल में लिखा था कि उन्हें तीन साल तक इस्तेमाल किया गया और जूतों पर जहां नाम लिखा था, वहां के निशान अब भी दिखाई दे रहे थे.

पुराने स्कूल जूतों की ऑनलाइन बिक्री पर विवाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ पुराने जूतों की कीमत ऑनलाइन नीलामी में 50,000 येन यानी लगभग 320 डॉलर तक पहुंच गई. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस पर नाराजगी जताई. एक इंटरनेट यूजर ने कहा कि खरीदार खास तौर पर ऐसे जूते पसंद कर रहे थे जिन पर लड़कियों के नाम की कढ़ाई साफ दिख रही हो और जो ज्यादा घिसे हुए लग रहे हो. कई लोगों का मानना है कि यह सिर्फ पुराने जूते बेचने का मामला नहीं है, बल्कि इसे गलत मानसिकता और युवा लड़कियों को ऑब्जेक्ट की तरह देखने से जोड़कर देखा जा रहा है. इसी वजह से इस मुद्दे पर जापान में काफी बहस हो रही है.
नाम और घिसे जूतों की ज्यादा मांग
ये जूते आमतौर पर सफेद रंग के होते हैं और दिखने में बैले डांस वाले जूतों जैसे लगते हैं. किंडरगार्टन से लेकर कॉलेज तक के छात्र-छात्राएं स्कूल में प्रवेश करते समय अपने बाहरी जूते बदलकर ये इंडोर जूते पहनते हैं. कई छात्र अपने जूतों पर नाम, कक्षा की जानकारी या छोटे डिजाइन भी बना लेते हैं ताकि वे आसानी से पहचाने जा सकें. हर साल स्कूलों में पढ़ाई खत्म होने और ग्रेजुएशन के समय छात्र अक्सर अपने पुराने सामान बेचते हैं. इसी दौरान इंडोर जूते भी ऑनलाइन बिक्री के लिए दिखाई देते हैं.
लेकिन आमतौर पर ये जूते नए जैसे या कम इस्तेमाल किए हुए होते हैं. हाल ही में कुछ ऐसे जूतों की बिक्री ने लोगों का ध्यान खींचा जो काफी पुराने, गंदे और घिसे हुए थे. एक जोड़ी जूते, जो जापान के साइटामा प्रांत से भेजे जा रहे थे, करीब 6,900 येन यानी लगभग 44 डॉलर में ऑनलाइन बेचे जा रहे थे. उन्हें 'ग्रेजुएशन की मेमोरी' बताया गया था.