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ट्रेन के टॉयलेट में बर्तन धो रहा था IRCTC स्टाफ, वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर ट्रेन का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिख रहा है कि एक पेंट्री कर्मचारी टॉयलेट में बर्तन धो रहा है. अब इस पर आईआरएसटीसी ने कार्रवाई की है.

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ट्रेन के टॉयलेट में बर्तन धोने का ये वीडियो वायरल हो रहा है. (Photo: X/@Rudhrayadav001)
ट्रेन के टॉयलेट में बर्तन धोने का ये वीडियो वायरल हो रहा है. (Photo: X/@Rudhrayadav001)

अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो जाते हैं, जिनसे रेलवे में हाइजिन को लेकर सवाल खड़े हो जाते हैं. ऐसा ही एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल  हो रहा है, जिसमें आईआरसीटीसी कर्मचारियों की लापरवाही दिखाई दे रही है. दरअसल, इस वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक ट्रेन में आईआरसीटीसी कर्मचारी टॉयलेट में बर्तन धो रहा है. टॉयलेट में बर्तन धोने के इस वीडियो के बाद से फिर रेलवे की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद अब एफएसएसएआई ने आईआरसीटी को नोटिस जारी किया है. 

ये वीडियो ट्रेन नंबर- 12223 (LTT ERS Duronto) का है. वीडियो में दिख रहा है कि एक यात्री आईआरसीटीसी कर्मचारी को टॉयलेट में बर्तन धोते पकड़ लेता है, इसके बाद वो कर्मचारी से काफी सवाल करता है. वीडियो में दिख रहा है कि कर्मचारी ने टॉयलेट में बर्तन रख रखे हैं और उन्हें टॉयलेट के पानी से वहां ही धो रहा है. अब वायरल वीडियो को लेकर कार्रवाई की गई है. 

वीडियो में क्या दिख रहा है?

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, एफएसएसएआई ने आईआरसीटीसी को नोटिस जारी किया है. यह फूंड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड नियम 2011 के शेड्यूल 4 में तय स्वच्छता और साफ-सफाई से जुड़े नियमों का उल्लंघन है. इन नियमों के मुताबिक, फूड बिजनेस ऑपरेटरों को खाना बनाने, संभालने, बर्तन धोने और सफाई की प्रक्रिया को स्वच्छ तरीके से करना जरूरी है ताकि खाने और खाने के संपर्क में आने वाली सतहों में किसी तरह का संक्रमण या गंदगी न फैले. 

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ANI


एएनआई ने बताया है कि एफएसएसएआई के संज्ञान में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो आया था, जिसमें ट्रेन नंबर 12223 में कैटरिंग सेवा में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों को कथित तौर पर ट्रेन के टॉयलेट के अंदर धोते हुए दिखाया गया है. यह काम ऑनबोर्ड कैटरिंग सेवाओं में लगे कैटरिंग स्टाफ/कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों द्वारा किया जा रहा था. वीडियो में दिखाए गए मामले को लेकर तथ्यात्मक टिप्पणी/स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया गया है. 

अब इस पर आईआरसीटीसी ने भी कमेंट किया है और बताया है कि इस मामले में उसे एफएसएसएआई की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है. सभी मोबाइल कैटरिंग यूनिट्स नियमों और प्रावधानों के तहत नामित रेलवे अधिकारियों की ओर से जारी FSSAI लाइसेंस के साथ संचालित होती हैं, न कि FSSAI अथॉरिटीज के द्वारा. 


आईआरसीटीसी ने बताया है कि 24/05/26 की घटना को लेकर तुरंत कार्रवाई की गई थी. सेवा प्रदाता पर जुर्माना लगाया गया और संबंधित कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया. यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. आईआरसीटीसी सख्त स्वच्छता नियमों का पालन करता है और किसी भी तरह के उल्लंघन पर तुरंत कड़ी कार्रवाई करता है.  

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