
पुणे के एक फल विक्रेता की ईमानदारी इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रही है. एक छोटी-सी UPI पेमेंट गलती के बाद जिस तरह दुकानदार ने ग्राहक की मदद की, उसकी लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं. यह मामला तब सामने आया जब X पर 'Superbro' नाम के यूजर ने अपना अनुभव शेयर किया.
यूजर ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ फल खरीदने गया था. उसने तीन केले खरीदे, जिनकी कीमत सिर्फ 15 रुपये थी. लेकिन दोस्तों से बातचीत में व्यस्त रहने की वजह से उसने UPI पेमेंट करते समय गलती से 15 रुपये की जगह 1,515 रुपये दर्ज कर दिए. बिना ध्यान दिए उसने पेमेंट भी कर दी.
कुछ ही देर बाद फल बेचने वाला दुकानदार जोर-जोर से उसे आवाज लगाने लगा. ट्रैफिक का शोर ज्यादा होने के कारण ग्राहक को पहले कुछ समझ नहीं आया. इसके बाद दुकानदार खुद उसके पीछे दौड़ा और उसे रोका. तभी ग्राहक को एहसास हुआ कि उसने गलती से जरूरत से कहीं ज्यादा पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं.
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ईमानदारी की ऐसी मिसाल
यूजर के मुताबिक, दुकानदार ने बिना किसी बहस या देरी के तुरंत उसका QR कोड स्कैन किया और 1,500 रुपये वापस कर दिए. इतना ही नहीं, उसने बेहद शांत तरीके से ग्राहक को आगे से पेमेंट करते समय ध्यान रखने की सलाह भी दी. इस पूरी घटना के बाद ग्राहक, उसके दोस्त और दुकानदार सभी इस गलती पर हंसने लगे.
सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई. लोगों ने दुकानदार की ईमानदारी की खूब तारीफ की और कहा कि आज के समय में ऐसे लोग बहुत कम मिलते हैं. कई यूजर्स ने अपने अनुभव भी साझा किए. कुछ लोगों ने बताया कि उनके साथ भी ऐसी गलतियां हुईं और दुकानदारों ने ईमानदारी दिखाते हुए पैसे लौटा दिए. वहीं कुछ ने कहा कि उन्हें अतिरिक्त रकम वापस पाने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी थी.
यह घटना सोशल मीडिया पर लोगों के लिए एक पॉजिटिव उदाहरण बन गई है. साथ ही यह भी याद दिलाती है कि डिजिटल पेमेंट करते समय रकम दर्ज करने में थोड़ी-सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है.