scorecardresearch
 

फ्रांस में पढ़ाई पर 44 लाख खर्च! भारतीय छात्रा का हिसाब सुन दंग रह गए लोग

फ्रांस में पढ़ाई कर रही एक भारतीय छात्रा ने जब अपने पूरे खर्च का हिसाब बताया तो सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया. लाखों रुपये की फीस, वीजा और बाकी खर्च सुनकर लोग सोच में पड़ गए.क्या विदेश में पढ़ाई सच में इतना महंगा सौदा है? यही सवाल अब हर किसी के मन में घूम रहा है.

Advertisement
X
A video shared by an Indian student in France has gone viral. (Photo: Instagram)
A video shared by an Indian student in France has gone viral. (Photo: Instagram)

विदेश में पढ़ाई करना आज हर भारतीय छात्र का सपना बन चुका है, लेकिन इस सपने की असली कीमत क्या है, यह एक वायरल वीडियो ने साफ कर दिया है. फ्रांस में उच्च शिक्षा ले रही एक भारतीय छात्रा ने इंस्टाग्राम पर अपना पूरा खर्चा ब्रेकडाउन शेयर किया, जिसे देखकर लोग चौंक गए.

वीडियो में छात्रा ने बताया कि तीन साल की पढ़ाई के लिए उसे सिर्फ ट्यूशन फीस में ही करीब 32 लाख रुपये खर्च करने पड़े. इसके अलावा वीजा प्रक्रिया के लिए उसे बैंक में 11 लाख रुपये बैलेंस दिखाना पड़ा.यही नहीं, वीजा और फ्लाइट टिकट पर लगभग 60 हजार रुपये खर्च हुए. उसने 80 हजार रुपये फॉरेक्स कार्ड में डाले, जबकि दस्तावेजों के अटेस्टेशन और अपोस्टिल पर करीब 6 हजार रुपये खर्च किए.

सबसे खास बात यह रही कि छात्रा ने किसी एजेंट या कंसल्टेंसी की मदद नहीं ली और पूरा प्रोसेस खुद ही संभाला. इसके बावजूद उसका कुल खर्च करीब 40 से 45 लाख रुपये तक पहुंच गया.

यह भी पढ़ें: पोलैंड में काम जिंदगी नहीं, उसका हिस्सा है, भारतीय ने बताया अलग वर्क कल्चर

देखें वायरल वीडियो

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Raine (@lifewith_reine)

लोगों के रिएक्शन ने मचाया बवाल

Advertisement

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. कई यूजर्स ने हैरानी जताई. एक ने लिखा कि से में तो भारत में छोटा बिजनेस शुरू हो सकता है.”वहीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि जब भारत में भी अच्छी यूनिवर्सिटी हैं, तो विदेश जाने की जरूरत क्या है.कुछ यूजर्स ने यह भी पूछा कि क्या इतना बड़ा खर्च वाकई 'वर्थ इट' है या सिर्फ एक महंगा अनुभव बनकर रह जाता है.

सच्चाई क्या है?

फ्रांस की पब्लिक यूनिवर्सिटी की फीस अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों से कम मानी जाती है, लेकिन रहने का खर्च, वीजा की शर्तें और शुरुआती निवेश भारतीय मिडिल क्लास के लिए भारी पड़ सकते हैं.

हालांकि, कुछ छात्रों का मानना है कि स्कॉलरशिप, पार्ट-टाइम जॉब और पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा के जरिए लंबे समय में यह खर्च रिकवर भी हो सकता है.

(नोट - ये खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर बनाई गई है. aajtak.in वीडियो में किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता है.)

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement