कुवैत के पावर प्लांट पर ईरानी ड्रोन का हमला (AP photo/Representative) मिडिल ईस्ट में तनाव का आज 37वां दिन है. कुवैत के दो पावर और वॉटर डिस्टिलेशन प्लांट्स को ईरानी ड्रोन्स ने निशाना बनाया है. कुवैत के ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, इस हमले में प्लांट के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और बिजली पैदा करने वाली दो मुख्य यूनिट्स पूरी तरह ठप हो गई हैं. मंत्रालय ने इस हमले को आपराधिक करार दिया है.
कुवैत में जरूरी ठिकानों पर हमले का यह सिलसिला थम नहीं रहा है. इससे पहले भी ईरानी ड्रोन्स ने शुवाइख तेल क्षेत्र के एक बड़े कॉम्प्लेक्स में आग लगा दी थी. इसके अलावा एक सरकारी दफ्तर की बिल्डिंग को भी ड्रोन हमले में काफी नुकसान पहुंचा था. लगातार हो रहे इन हमलों ने खाड़ी देशों की सप्लाई चेन और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
राहत की बात यह है कि इस ड्रोन स्ट्राइक में किसी की जान नहीं गई है.फिलहाल पूरे इलाके में हाई अलर्ट है क्योंकि आशंका है कि आने वाले समय में ऐसे और भी हमले देखे जा सकते हैं.
मिडल ईस्ट की जंग के बीच इजरायली सेना ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. IDF के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने जानबूझकर दक्षिणी लेबनान में मौजूद UNIFIL (यूनाइटेड नेशंस अंतरिम फोर्स इन लेबनान) के ठिकानों के अंदर या उनके बिल्कुल पास से करीब 165 रॉकेट दागे हैं. इजरायल का आरोप है कि हिजबुल्लाह अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों को ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा है.

मिडल ईस्ट में जारी तनाव के बीच हवाई यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है. कुवैत एयरवेज ने आज यानी 5 अप्रैल से भारत के लिए अपनी फ्लाइट्स दोबारा शुरू करने का फैसला किया है. रॉयटर्स के मुताबिक, ये उड़ानें सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रास्ते संचालित की जाएंगी. जंग के हालातों की वजह से कई रूट प्रभावित हुए थे, लेकिन अब भारत और कुवैत के बीच सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.
अमेरिकी पायलट के रेस्क्यू मिशन पर ईरानी संसद के स्पीकर ने बड़ा हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, 'अगर अमेरिका को ऐसी तीन और जीत मिलीं, तो वह पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा.' उनका इशारा मिशन के दौरान अमेरिका को हुई भारी मशक्कत और नुकसान की ओर है.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी से एक बड़ी खबर आ रही है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के एक पेट्रोकेमिकल प्लांट में भीषण आग लग गई है. बताया जा रहा है कि एक ईरानी मिसाइल को हवा में ही मार गिराया गया था, जिसका मलबा सीधे इस प्लांट पर जा गिरा और वहां आग भड़क उठी. अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने एक बयान जारी कर कहा है कि प्लांट में काम को तुरंत रोक दिया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने एक बड़ा दावा किया है. तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जब अमेरिका अपने पायलट को बचाने के लिए रेस्क्यू मिशन चला रहा था, उस दौरान ईरानी सेना ने कई फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स को तबाह कर दिया.
ईरान में फंसे अमेरिकी वेपन्स सिस्टम ऑफिसर को बचाने के लिए पर्दे के पीछे एक बहुत बड़ा खेल खेला गया था. फॉक्स न्यूज के मुताबिक, इस हैरतअंगेज रेस्क्यू मिशन से पहले CIA ने ईरान को गुमराह करने के लिए एक डिसेप्शन कैंपेन (धोखा देने वाला अभियान) चलाया था. इस ऑपरेशन में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक शामिल थे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भले ही अमेरिकी और ईरानी सेना के बीच सीधी आमने-सामने की जंग नहीं हुई, लेकिन अमेरिकी सैनिकों ने लगातार फायरिंग जारी रखी ताकि ईरानी सैनिक रेस्क्यू वाली जगह के करीब न फटक सकें.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ईरानी पुलिस कमांड ने दावा किया है कि इस्फहान में जिस अमेरिकी विमान को मार गिराया गया है, वह C-130 था. ईरान की सरकारी इस विमान का इस्तेमाल हमलावरों के लड़ाकू विमानों में हवा में ही ईंधन भरने के लिए किया जा रहा था. ईरान ने इस कार्रवाई को अपनी संप्रभुता की रक्षा बताया है.
ईरान में फंसे पायलट को बचाने के मिशन पर एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने बड़ा खुलासा किया है. न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस के इतिहास में सबसे जटिल और कठिन मिशनों में से एक बताया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी वायुसेना ने ईरानी काफिलों पर हवाई हमले किए ताकि वे पायलट तक न पहुंच सकें. इस पूरे मिशन के दौरान पायलट ने रेस्क्यू टीम के साथ तालमेल बिठाने के लिए बीकन और सिक्योर कम्युनिकेशन का इस्तेमाल किया, जिससे उसकी लोकेशन का सटीक पता चल सका.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एलान किया है कि ईरान के ऊंचे पहाड़ों में फंसे अमेरिकी कर्नल को सुरक्षित निकाल लिया गया है. ट्रंप के मुताबिक, भारी गोलीबारी और दर्जनों लड़ाकू विमानों की मदद से इस सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. कल एक और पायलट को बचाया गया था, जिसकी जानकारी गोपनीयता बनाए रखने के लिए छिपाई गई थी. ट्रंप ने इसे अमेरिकी वायु सेना की बड़ी जीत बताया है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ईरानी हमले के बाद एक फैसिलिटी में लगी आग को बुझा दिया गया है. सिविल डिफेंस की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है. मंत्रालय के मुताबिक, यह आग ईरानी हमले की वजह से लगी थी, जिससे इलाके में काफी तनाव फैल गया था.
ईरान में मार गिराए गए अमेरिकी F-15E फाइटर जेट के दूसरे क्रू मेंबर को सुरक्षित निकाल लिया गया है. अल-जजीरा ने एक अमेरिकी सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया कि भारी गोलीबारी के बीच चले एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दूसरे सदस्य को रिकवर किया गया.
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच सैटेलाइट इमेजिंग कंपनी प्लेनेट लैब्स ने बड़ा फैसला लिया है. कंपनी अब ईरान और संघर्ष वाले क्षेत्रों की तस्वीरें अनिश्चित काल के लिए जारी नहीं करेगी. प्लेनेट लैब्स ने शनिवार को साफ किया कि अमेरिकी सरकार के अनुरोध के बाद यह कदम उठाया गया है. इस फैसले के बाद अब ईरान में हो रहे युद्ध और नुकसान की सैटेलाइट तस्वीरें मिलना मुश्किल हो जाएगा.
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच बहरीन के एक ठिकाने को निशाना बनाया गया है. बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ईरानी हमले के बाद वहां भीषण आग लग गई है. फिलहाल सिविल डिफेंस की टीमें आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुटी हैं.
मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच रविवार को सुबह इजरायल के आसमान में कई मिसाइलें देखी गईं. इजरायली डिफेंस सिस्टम ने दक्षिणी क्षेत्र में खतरे का अलर्ट जारी करते हुए इन मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया. इमरजेंसी रिस्पांस टीम के मुताबिक, इस ताजा हमले में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.