
दुबई को दुनिया की सबसे सुरक्षित शहरों में गिना जाता है, लेकिन पिछले दो दिनों में इस शहर ने अपनी सुरक्षा क्षमता का सबसे बड़ा इम्तिहान देखा. लगातार हो रहे ईरानी हमलों ने हालात इतने खतरनाक बना दिए कि अगर पूरा हमला सफल हो जाता, तो दुबई जैसी ग्लोबल सिटी भी भारी तबाही झेल सकती थी.
खलीज टाइम्स के अनुसार अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें पाकिस्तानी, नेपाली और बांग्लादेशी प्रवासी शामिल हैं. इसके अलावा 58 नागरिक हल्की चोटों के साथ अस्पतालों में पहुंचे. घायलों में एमिराती, मिस्री, इथियोपियाई, फिलीपीनो, पाकिस्तानी, ईरानी, भारतीय, बांग्लादेशी, श्रीलंकाई, अजरबैजानी, यमनी, यूगांडाई, इरिट्रियन, लेबनानी और अफगान नागरिक शामिल हैं.
दूसरे दिन का सबसे तीव्र हमला
हमलों के दूसरे दिन यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम पर सबसे ज्यादा दबाव देखा गया. UAE रक्षा बलों ने बड़ी संख्या में प्रोजेक्टाइल इंटरसेप्ट किए-20 बैलिस्टिक मिसाइलें मार गिराईं.8 मिसाइलें समुद्र में गिराईं.2 क्रूज मिसाइलें नष्ट की गईं.311 ड्रोन इंटरसेप्ट किए.इसके बावजूद 21 ड्रोन नागरिक इलाकों में गिरे, जिससे कई जगह नुकसान की खबरें आईं.

तीन दिनों का कुल आंकड़ा
ईरान ने 165 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं.152 इंटरसेप्ट की गईं.13 समुद्र में गिरीं.2 क्रूज मिसाइलें दागीं और दोनो ही नष्ट कर दिए गए हैं. 541 ड्रोन भेजे गए.506 इंटरसेप्ट हुएUAE रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों और ड्रोन का मलबा कई नागरिक संपत्तियों पर गिरा, जिससे हल्का से मध्यम स्तर का नुकसान हुआ.
UAE हाई अलर्ट पर
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एयरफोर्स और एयर डिफेंस पूरी क्षमता से सक्रिय हैं. नागरिकों, प्रवासियों और पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें और अफवाहें फैलाने से बचें.
मल्टी-लेयर्ड डिफेंस सिस्टम ने संभाली दुबई की ढाल
यूएई का एयर डिफेंस सिस्टम दुनिया के सबसे उन्नत मल्टी-लेयर्ड सिस्टम्स में शामिल है. यह बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल, ड्रोन और विमानों से रक्षा करता है. THAAD ऊंचाई पर मिसाइल इंटरसेप्ट करता है, Patriot PAC-3 निचली ऊंचाइयों पर सुरक्षा देता है, जबकि Pantsir-S1 अंतिम पंक्ति में ड्रोन और कम ऊंचाई वाले खतरों को नष्ट करता है.
हाल के हमलों में इसी लेयर्ड डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक रोककर दुबई को बड़ी तबाही से बचाया.