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दुबई में फोटो शेयर करना पड़ा भारी! एयरस्ट्राइक की तस्वीर भेजते ही ब्रिटिश क्रू मेंबर अरेस्ट

मिडिल ईस्ट में जंग का असर अब दुबई की छवि पर दिखने लगा है. हमलों की तस्वीरें सामने नहीं आ रहीं, और जो शेयर कर रहा है, वो जेल पहुंच रहा है. एक ब्रिटिश फ्लाइट अटेंडेंट की गिरफ्तारी ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है.

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ईरान- इजरायल जंग का दुबई पर असर (Photo-ITG)
ईरान- इजरायल जंग का दुबई पर असर (Photo-ITG)

मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर सिर्फ जंग के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि दुबई जैसे शहरों की छवि पर भी साफ दिखने लगा है. लंबे वक्त से खुद को दुनिया का सबसे सुरक्षित शहर बताने वाले दुबई की ब्रांडिंग अब सवालों के घेरे में है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की ओर से हमले अब भी जारी हैं और अबू धाबी से लेकर दुबई तक नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं. हालांकि, इन घटनाओं की तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक तौर पर कम ही देखने को मिल रहे हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या दुबई दुनिया से कुछ छिपा रहा है.

इसी बीच एक मामला सामने आया है, जिसने इस शक को और गहरा कर दिया है. दुबई में एक 25 वर्षीय ब्रिटिश फ्लाइट अटेंडेंट को सिर्फ एक फोटो शेयर करने के कारण गिरफ्तार कर लिया गया.

सिर्फ क्षतिग्रस्त हिस्से की तस्वीर लेने पर हो गई गिरफ्तारी

डेली मेल के हवाले से बताया गया कि दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन स्ट्राइक और धमाकों के बाद यह युवक सुरक्षा को लेकर चिंतित था. एयरलाइन की ओर से स्थिति को ज्यादा खतरनाक न बताए जाने के बावजूद उसने एयरपोर्ट के क्षतिग्रस्त हिस्से की तस्वीर ली और अपने सहकर्मियों के एक निजी व्हाट्सऐप ग्रुप में शेयर कर दी. उसने केवल यह पूछा था कि क्या वहां से गुजरना सुरक्षित है.

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लेकिन यही फोटो उसके लिए मुसीबत बन गई. पुलिस ने उसका फोन चेक किया, तस्वीर मिली और उसे UAE के सख्त साइबर क्राइम कानूनों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया. अब उसे दो साल तक की जेल और करीब 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.

दुबई में बढ़ीं गिरफ्तारियां!

यह मामला अकेला नहीं है. गल्फ न्यूज के मुताबिक, 18 मार्च तक एक ही कार्रवाई में कम से कम 35 लोगों को हिरासत में लिया गया था. कुल मिलाकर करीब 70 ब्रिटिश नागरिक जिनमें टूरिस्ट, एक्सपैट और केबिन क्रू शामिल हैं.इस कार्रवाई की चपेट में आ चुके हैं. एक अलग मामले में 60 वर्षीय ब्रिटिश पर्यटक को भी एयरस्ट्राइक की फोटो लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, भले ही उसने तस्वीर तुरंत हटा दी थी.

UAE सरकार ने साफ कर दिया है कि संकट के समय किसी भी तरह का ऐसा कंटेंट साझा करना, जो सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित करे या घबराहट फैला सकता हो, अपराध माना जाएगा. डिटेन्ड इन दुबई के हवाले से बताया गया है कि करीब 21 लोगों पर एक साथ साइबर क्राइम कानूनों के तहत आरोप लगाए गए हैं. इनमें कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने सिर्फ कंटेंट फॉरवर्ड किया था.

इस कार्रवाई के खिलाफ अब आवाजें उठने लगी हैं. कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश बता रहे हैं, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने सख्त कानूनों और जेल की स्थितियों पर चिंता जताई है.

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