फिल्म Dhurandhar 2: The Revenge इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर खूब कमाई कर रही है, लेकिन इससे जुड़ी एक सच्ची कहानी लोगों का ध्यान खींच रही है. फिल्म के आखिर में थोड़ी देर के लिए नजर आने वाले एक ऑटो ड्राइवर हरजीत ने बताया कि उन्होंने अभी तक खुद यह फिल्म नहीं देखी है. जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने फिल्म क्यों नहीं देखी, तो उन्होंने बहुत सीधी बात कही. उन्होंने बताया कि एक टिकट की कीमत करीब ₹500 है. उनके लिए यह काफी महंगा है, इसलिए वह अभी तक फिल्म देखने नहीं जा पाए. TOI के मुताबिक, उन्होंने कहा कि पूरे परिवार के साथ फिल्म देखने पर ₹2,500 खर्च होंगे, जो उनकी महीने भर की बचत के बराबर है. उनकी यह सच्ची कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.
इस वजह से नहीं देख पाए फिल्म
फिल्म Dhurandhar 2: The Revenge इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर खूब कमाई कर रही है, लेकिन इससे जुड़ी एक सच्ची कहानी लोगों का ध्यान खींच रही है. फिल्म के आखिर में थोड़ी देर के लिए नजर आने वाले एक ऑटो ड्राइवर हरजीत ने बताया कि उन्होंने अभी तक खुद यह फिल्म नहीं देखी है. जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने फिल्म क्यों नहीं देखी, तो उन्होंने बहुत सीधी बात कही. उन्होंने बताया कि एक टिकट की कीमत करीब ₹500 है. उनके लिए यह काफी महंगा है, इसलिए वह अभी तक फिल्म देखने नहीं जा पाए.
सस्ती होने पर देखेंगे फिल्म
जब उनसे उनके बच्चों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि बच्चों ने फिल्म देखने की जिद जरूर की थी. लेकिन उन्होंने समझाया कि उनके परिवार में 5 लोग हैं और अगर सभी साथ में फिल्म देखने जाएंगे तो करीब ₹2,500 खर्च होंगे. उन्होंने कहा कि ₹2,500 तो उनकी पूरे महीने की बचत होती है, इसलिए उन्होंने बच्चों को अभी फिल्म दिखाने से मना कर दिया. उन्होंने उनसे कहा कि बाद में सस्ती होने पर फिल्म देखेंगे. उनकी यह साधारण और सच्ची बात लोगों को काफी पसंद आई है. सोशल मीडिया पर लोग इसे आम जिंदगी की सच्चाई से जोड़कर देख रहे हैं.
वहीं, फिल्म के बारे में बात करें तो इसे आदित्य धार ने डायरेक्ट किया है और इसमें रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर.माधवन जैसे बड़े कलाकार नजर आ रहे हैं. यह फिल्म 19 मार्च को रिलीज हुई थी और तब से बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है. भारत में इसने 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है और दुनियाभर में 830 करोड़ रुपये के करीब पहुंच रही है. कुल मिलाकर, यह कहानी दिखाती है कि एक तरफ फिल्में करोड़ों कमाती हैं, वहीं दूसरी तरफ उसी फिल्म का हिस्सा बने लोगों के पास फिल्म देखने के पैसे भी नहीं है.