आज के समय में दांतों के इलाज और इम्प्लांट के विज्ञापन हर जगह दिखाई देते हैं. लेकिन चीन से सामने आया एक मामला बताता है कि इलाज के नाम पर लालच और लापरवाही किसी की जिंदगी तक दांव पर लगा सकती है. यहां एक 63 साल के बुजुर्ग को सिर्फ एक दांत में दर्द था, लेकिन क्लिनिक ने उन्हें ऐसा झांसा दिया कि उनके मुंह के बचे हुए 12 दांत भी निकाल दिए. इतना ही नहीं, इलाज के नाम पर उनके बैंक खाते और डिजिटल वॉलेट से लगभग सारी रकम भी निकाल ली गई.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के शान्शी प्रांत के बाओजी शहर में रहने वाले 63 साल के ली (बदला हुआ नाम) पिछले साल सितंबर में एक दांत में दर्द की शिकायत लेकर दातुआनयुआन डेंटल क्लिनिक पहुंचे थे. ली ने बताया कि वह क्लिनिक के बड़े-बड़े दावों वाले विज्ञापनों से प्रभावित हो गए थे. विज्ञापन में लिखा था - सुबह डेंटल इम्प्लांट करवाइए और दोपहर में मांस खाइए और पूरे दांत लगवाइए, 100 साल तक जिएं.
मुफ्त जांच के बहाने क्लिनिक ले गए
ली के मुताबिक, क्लिनिक के कर्मचारियों ने उन्हें घर से लेने के लिए कार भेजी और मुफ्त जांच कराने का ऑफर दिया. लेकिन जांच के बाद जो हुआ, उसने पूरे परिवार को हिला दिया. सिर्फ एक दांत के दर्द का इलाज कराने पहुंचे ली के मुंह से डॉक्टरों ने उनके बचे हुए सभी 12 दांत निकाल दिए. इसके बाद एक ही प्रक्रिया में 10 डेंटल इम्प्लांट भी लगा दिए.
इलाज के बाद खाते से भी निकाल लिए सारे पैसे
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. क्लिनिक ने इलाज के नाम पर ली के बैंक खाते और डिजिटल वॉलेट से 18,800 युआन (करीब 2.2 लाख रुपये) निकाल लिए. इसके बावजूद उन पर 6,200 युआन (करीब 73 हजार रुपये) का अतिरिक्त बिल भी बकाया बता दिया गया.
ली ने चीनी मीडिया को बताया कि जब मेरा बेटा मुझे लेने पहुंचा तो मेरा पूरा मुंह खून से भरा हुआ था. मेरे पास बस 30 युआन (करीब 350 रुपये) बचे थे, जिससे मैं बस का किराया दे सकता था. सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि ली पहले से कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे. उन्हें कोरोनरी हार्ट डिजीज, हार्ट अटैक, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं थीं. उनके दिल में चार स्टेंट भी लगे हुए हैं.
मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में किसी मरीज के दांत निकालने या तुरंत डेंटल इम्प्लांट करने से पहले बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है. कई मामलों में ऐसा करना खतरनाक भी हो सकता है. वुहान यूनिवर्सिटी के रेनमिन हॉस्पिटल के डेंटल विशेषज्ञ फू डोंगजी के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों का शुगर स्तर नियंत्रित हुए बिना डेंटल इम्प्लांट नहीं किया जाना चाहिए.
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
चीन में इससे पहले भी एक मामला सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति के एक ही दिन में 23 दांत निकालकर 12 इम्प्लांट लगाए गए थे. इलाज के 13 दिन बाद उसकी मौत हो गई थी.
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ली के परिवार ने स्थानीय स्वास्थ्य विभाग में तीन बार शिकायत दर्ज कराई. परिवार का आरोप था कि क्लिनिक ने अधूरे मेडिकल रिकॉर्ड दिए और बाद में कई दस्तावेज जोड़ता गया. इतना ही नहीं, मेडिकल रिकॉर्ड में ली का जेंडर भी 'महिला' लिख दिया गया था. परिवार का कहना है कि ऑपरेशन से पहले कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह का रिकॉर्ड भी छह महीने बाद उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें दस्तावेजों में गड़बड़ी का शक हुआ.
जांच में क्लिनिक की बड़ी लापरवाही सामने आई
जुलाई में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की जांच में क्लिनिक को कई मामलों में दोषी पाया गया. जांच में सामने आया कि मरीज को इलाज के दूसरे विकल्प नहीं बताए गए, ऑपरेशन से पहले जरूरी मेडिकल जांच पूरी नहीं की गई और मेडिकल रिकॉर्ड भी तय मानकों के अनुसार नहीं रखे गए.इसके बाद अधिकारियों ने क्लिनिक को ली से वसूली गई पूरी फीस लौटाने का आदेश दिया और क्लिनिक को सुधारात्मक कार्रवाई (रेक्टिफिकेशन) के लिए बंद कर दिया.