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संसद में 2 जी स्पेक्ट्रम पर गतिरोध के मुद्दे पर अशोक सिंघल से चैट

9 नवंबर से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन से हो रहे हंगामे के कारण अभी तक दोनों सदनों में न तो प्रश्नकाल हो पाया है और न ही कोई खास विधायी कार्य. क्‍या संसद को नहीं चलने देने से भ्रष्‍टचार जैसी समस्‍या का समाधान हो जाएगा?

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9 नवंबर से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन से हो रहे हंगामे के कारण अभी तक दोनों सदनों में न तो प्रश्नकाल हो पाया है और न ही कोई खास विधायी कार्य. विपक्ष 2 जी स्पैक्ट्रम घोटाले तथा अन्य मामलों की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग पर अड़ा है तो वहीं सत्ता पक्ष कर्नाटक में भाजपा की येदियुरप्पा सरकार को हटाने की मांग कर रहा है.

अब सवाल यह उठता है कि क्‍या संसद को नहीं चलने देने से भ्रष्‍टचार जैसी समस्‍या का समाधान हो जाएगा? या फिर संसद को चलाने में जनता को जो करोड़ों रुपया खर्च होता है और जो फिलहाल बर्बाद हो रहा है उसका जिम्‍मेदार कौन होगा? लोग तो यह भी नहीं समझ पा रहे कि आखिर सरकार क्‍यों विपक्ष की मांग को मानने से डर रही हैं. ऐसा लगता है कि विपक्ष ने कसम खा ली है कि जबतक उसकी मांग पूरी नहीं होगी वो संसद नहीं चलने देगा. लेकिन कांग्रेस अपनी जिद पर अड़ी है कि वो भाजपा के आगे नहीं झुकेगी.

कुछ लोगों ने यह सवाल किया कि आखिर कांग्रेस जेपीसी के गठन से बचना क्‍यों चाह रही है. क्‍या जेपीसी के गठन से ही घोटाले की समस्‍या का निदान हो जाएगा. दूसरी ओर कुछ लोगों ने यह जिज्ञासा प्रकट की कि बीजेपी जेपीसी की ही मांग पर क्‍यों अड़ी है. 2जी स्‍पेक्‍ट्रम घोटाले पर जेपीसी के गठन से किसका कौन-सा हित सधेगा. अशोक सिंघल ने सभी सवालों के सधे हुए जवाब दिए.

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ऐसे में तो यही लगता है कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष किसी को भी जनता से मतलब नहीं है और दोनों ही अपनी अपनी बात मनवाने में जोर लगा रहे हैं. जनता भी परेशान है कि संसद में चल रहे गतिरोध की वजह से कई अहम विधेयक पारित नहीं हो पा रहे हैं. ऐसे ही कई सारे सवाल हैं लो लोग जानना चाहते हैं. इसी मुद्दे पर आजतक के तेज तर्रार रिपोर्टर अशोक सिंघल ने आपके सवालों के जवाब दिए. आपके सवाल और अशोक सिंघल के जवाब जानने के लिए

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