भारत में सूरज सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश में निकलता है. खास तौर पर डोंग वैली को भारत की पहली ऐसी जगह माना जाता है, जहां सूर्योदय सबसे पहले दिखाई देता है. यह स्थान भारत के पूर्वी छोर पर स्थित है और चीन तथा म्यांमार की सीमा के करीब पड़ता है.
आखिर अरुणाचल प्रदेश में सूरज सबसे पहले क्यों निकलता है?
धरती पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है. इसी वजह से पूर्व दिशा में स्थित जगहों पर सूरज पहले दिखाई देता है. भारत का सबसे पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश है, इसलिए यहां सूर्योदय देश के बाकी हिस्सों से पहले होता है. डोंग वैली भारत के सबसे पूर्वी बसे हुए इलाकों में से एक है. यहां सर्दियों में सुबह करीब 4:30 बजे से ही रोशनी फैलने लगती है, जबकि गर्मियों में भी सूरज बहुत जल्दी निकल आता है.
डोंग वैली समुद्र तल से लगभग 1,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यहां लोहित और सती नदियों का संगम देखने को मिलता है. डोंग गांव तक पहुंचने के लिए पहाड़ी ट्रैकिंग करनी पड़ती है. सूर्योदय देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचते हैं.
क्या भारत में सबसे पहले समय भी यहीं शुरू होता है?
हालांकि सूरज सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश में निकलता है, लेकिन पूरे भारत में एक ही टाइम ज़ोन यानी Indian Standard Time (IST) लागू होता है. IST का आधार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के पास स्थित मिर्जापुर की देशांतर रेखा है.
इस कारण अरुणाचल प्रदेश में सुबह बहुत जल्दी हो जाती है, जबकि पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात में सूरज काफी देर से निकलता है. कई विशेषज्ञ पूर्वोत्तर भारत के लिए अलग टाइम ज़ोन की मांग भी उठा चुके हैं.
अरुणाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बर्फीले पहाड़ों और शांत वातावरण के लिए मशहूर है. डोंग वैली में सूर्योदय का दृश्य बेहद आकर्षक माना जाता है. जब पहाड़ों के पीछे से पहली किरण निकलती है, तो पूरा इलाका सुनहरे रंग में चमक उठता है.
भारत में सबसे देर से सूरज गुजरात के कुछ हिस्सों में निकलता है. अरुणाचल प्रदेश और गुजरात के सूर्योदय समय में लगभग 2 घंटे तक का अंतर हो सकता है. डोंग वैली को Land of First Sunrise in India” भी कहा जाता है.