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महाशिवरात्रि पर दिल्ली-NCR के इन 5 प्रसिद्ध शिव मंदिरों में करें जलाभिषेक

महाशिवरात्रि के पावन मौके पर अगर आप भी महादेव के दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो दिल्ली-NCR के ये प्राचीन मंदिर आपकी लिस्ट में जरूर होने चाहिए. क्या है इन मंदिरों का पौराणिक रहस्य और क्यों यहां जलाभिषेक के लिए उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब?

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हाशिवरात्रि पर दिल्ली-NCR के शिव मंदिरों में गूंजेगा जयकारा (Photo: Pexels)
हाशिवरात्रि पर दिल्ली-NCR के शिव मंदिरों में गूंजेगा जयकारा (Photo: Pexels)

महाशिवरात्रि का त्योहार नजदीक है और दिल्ली-NCR के शिव मंदिरों में अभी से विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं. दिल्ली-एनसीआर का इलाका सिर्फ आधुनिक जीवनशैली या ऊंची इमारतों के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यह क्षेत्र गहरी आस्था और प्राचीन इतिहास को भी खुद में समेटे हुए है.

अगर इस शिवरात्रि पर महादेव के दर्शन के लिए किसी खास और ऐतिहासिक मंदिर जाने की योजना है, तो यहां कई ऐसे प्राचीन धाम मौजूद हैं जिनका संबंध सीधा पौराणिक काल से बताया जाता है. आइए जानते हैं दिल्ली-NCR के उन प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में जहां जलाभिषेक के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ता है.

चांदनी चौक का ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर

पुरानी दिल्ली के दिल चांदनी चौक में स्थित गौरी शंकर मंदिर आस्था का एक बहुत बड़ा केंद्र है. लगभग 800 साल पुराने इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां आने वाले हर भक्त की मुराद जरूर पूरी होती है. महाशिवरात्रि के दौरान मंदिर की सजावट और वहां का माहौल देखने लायक होता है. बाजार की भागमभाग के बीच यह मंदिर एक ऐसी जगह है, जहां प्रवेश करते ही असीम शांति का एहसास होता है. यहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं.

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पांडवों द्वारा स्थापित नीली छतरी मंदिर

यमुना बाजार स्थित नीली छतरी मंदिर का इतिहास सीधा महाभारत काल से जुड़ा है. माना जाता है कि इस प्राचीन मंदिर की स्थापना पांडु के सबसे बड़े पुत्र राजा युधिष्ठिर ने की थी. पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने इसी पवित्र स्थान पर अश्वमेध यज्ञ भी संपन्न किया था. यमुना के किनारे बसे इस ऐतिहासिक मंदिर में शिवरात्रि के दिन भक्तों की भारी भीड़ जुटती है. प्राचीन मान्यताओं में रुचि रखने वालों के लिए यह एक प्रमुख आध्यात्मिक स्थल है.

गाजियाबाद का दूधेश्वर नाथ मंदिर

गाजियाबाद का दूधेश्वर नाथ मंदिर अपनी प्राचीनता और चमत्कारिक इतिहास के लिए प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि यहां स्थापित शिवलिंग लगभग 5000 साल पुराना है और यह 'स्वयंभू' है, यानी यह स्वयं प्रकट हुआ था. यह गाजियाबाद के सबसे पुराने मंदिरों में से एक माना जाता है. शिवरात्रि के मौके पर यहां का नजारा पूरी तरह शिवमय हो जाता है और दूर-दराज से लोग यहां महादेव का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं.

फरीदाबाद का सैनिक कॉलोनी शिव मंदिर

भव्य और विशाल शिवलिंग के दर्शन के लिए फरीदाबाद के सेक्टर-49 स्थित सैनिक कॉलोनी शिव मंदिर एक बेहतरीन जगह है. इस मंदिर की मुख्य विशेषता यहां स्थापित 21 फीट ऊंचा विशाल शिवलिंग है. करीब 25 साल पहले बने इस मंदिर ने बहुत कम समय में बड़ी ख्याति प्राप्त कर ली है. महाशिवरात्रि पर इस विशाल शिवलिंग का भव्य श्रृंगार किया जाता है, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं.

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मंगल महादेव बिड़ला कानन मंदिर

दिल्ली-गुड़गांव हाईवे (NH-8) के किनारे स्थित मंगल महादेव बिड़ला कानन मंदिर अपनी सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है. 90 के दशक में निर्मित इस मंदिर परिसर में भगवान शिव की 100 फीट ऊंची अत्यंत सुंदर प्रतिमा स्थापित है. महादेव के साथ ही यहां माता पार्वती और कार्तिकेय की भी आकर्षक मूर्तियां हैं. मंदिर के चारों ओर मौजूद हरे-भरे बगीचे इसे एक आदर्श आध्यात्मिक स्थल बनाते हैं, जहां भक्त सुकून के पल बिता सकते हैं.

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