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सैर सपाटा

108 शिवलिंग वाले मंदिर पहुंचे क्रिकेटर अभिषेक शर्मा, गर्भगृह में दिखें भक्ति में लीन, देखें Photos

Abhishek Sharma
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भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा अपनी पर्सनल लाइफ की वजह से भी चर्चा में बने रहते हैं. वो जल्द ही आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के लिए खेलते दिखेंगे, लेकिन उससे पहले वो भगवान शिव की भक्ति में लीन हो गए हैं, उनकी लेटेस्ट तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं. 

(PHOTO: Instagram@abhisheksharma_4)
 

abhishek sharma kumbakonam
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अभिषेक भारत के दक्षिण में स्थित कुंभकोणम पहुंचे हैं, जहां वो शिवलिंग के सामने प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं. अभिषेक ने खुद सोशल मीडिया पर अपनी फोटोज शेयर की है और बताया कि लोगों को मन की शांति के लिए यहां जरूर आना चाहिए.

(PHOTO: Instagram@abhisheksharma_4)

abhishek sharma kumbakonam
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तमिलनाडु के कुंभकोणम में क्रिकेटर अभिषेक ने उस प्राचीन मंदिर के भी दर्शन किए, जहां मान्यता है कि भगवान राम ने 108 शिवलिंग स्थापित किए थे.फोटो में आप देख सकते हैं कि वो शिवलिंग के आगे आंखे बंद करके ध्यान लगा रहे हैं. उन्होंने सफेद पायजामा और नीले रंग का कुर्ता पहना हुआ है. गले में रुद्राक्ष की माला है और हाथ में ब्लैक कलर की वॉच पहन रखी है.

(PHOTO: Instagram@abhisheksharma_4)


 

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108 shivalayam temple papanasam
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कुंभकोणम शहर से मात्र सोलह किलोमीटर की दूरी पर स्थित पापनाशम के अत्यंत प्राचीन और चमत्कारी रामलिंगेश्वरर मंदिर है, जिसे स्थानीय लोग 108 शिवालयम के नाम से भी जानते हैं. इस मंदिर की सबसे बड़ी और विस्मयकारी खासियत यह है कि इसके मुख्य गर्भगृह के अंदर एक या दो नहीं बल्कि पूरे 108 शिवलिंग स्थापित हैं.
 

(PHOTO: Instagram@abhisheksharma_4)

108 shivalayam temple papanasam
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क्रिकेटर अभिषेक शर्मा की फोटोज सामने आते ही यह मंदिर और जगह सोशल मीडिया पर घूमने शौकीन लोगों के बीच काफी ट्रेंड करने लगा है. इस मंदिर की एक और खास बात यह है कि वास्तुकला के सामान्य नियमों से बिल्कुल उल्टा इस मंदिर का मुख्य द्वार पूरी तरह से पश्चिम दिशा की ओर मुख किए हुए बना है.

(PHOTO: Instagram@abhisheksharma_4)

abhisheksharma_
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पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लंका युद्ध के दौरान खर और दूषण के वध के बाद स्वयं भगवान श्रीराम ने अपने ऊपर लगे दोषों के पूर्ण निवारण के लिए महर्षि अगस्त्य के परामर्श पर इस पवित्र स्थान पर अपने हाथों से बालू रेत के कुल 107 शिवलिंगों का निर्माण कर उनकी विशेष पूजा-अर्चना की थी. धार्मिक ग्रंथों में यह भी उल्लेख मिलता है कि इस पावन श्रृंखला का आखिरी और 108वां शिवलिंग, जिसे हनुमंत लिंग भी कहा जाता है, उसे स्वयं बजरंगबली विशेष रूप से काशी नगरी से आकाश मार्ग द्वारा लेकर आए थे, यही वजह है कि इस पावन धाम को दक्षिण भारत का रामेश्वरम भी कहा जाता है.
 

(PHOTO: Instagram@abhisheksharma_4)

abhisheksharma_4
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अगर आप भी अभिषेक शर्मा की तरह इस रहस्यमयी और प्राचीन जगह को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो तमिलनाडु का त्रिची हवाई अड्डा यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है, जहां से आप टैक्सी या फिर कुंभकोणम रेलवे स्टेशन के लिए सीधी ट्रेनों के जरिए बेहद आसानी से और बजट में पहुंच सकते हैं.

(PHOTO: Instagram@abhisheksharma_4)
 

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यह प्राचीन मंदिर दर्शन करने आने वाले लोगों के लिए रोजाना सुबह साढ़े छह बजे से दोपहर साढ़े बारह बजे तक और फिर शाम को चार बजे से रात साढ़े आठ बजे तक खुला रहता है, जहां आकर आप न केवल मानसिक शांति पा सकते हैं बल्कि दक्षिण भारतीय इतिहास और अद्भुत वास्तुकला को करीब से देख सकते हैं.

(PHOTO: Instagram@abhisheksharma_4)

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