सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) गुजरात (Gujarat) में प्रभास पाटन, वेरावल में स्थित एक शिव मंदिर है. इसे देव पाटन भी कहा जाता है. यह पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है और शिव के बारह ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से पहला है- Shiv Jyotirlinga.
मंदिर का उल्लेख हिंदू धर्म के प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में सोमनाथ नामकरण के रूप में नहीं किया गया है, लेकिन 'प्रभास-पट्टन' का उल्लेख एक तीर्थ स्थल के रूप में किया गया है, जहां यह मंदिर मौजूद है. उदाहरण के लिए, पुस्तक वन पर्व के अध्याय 109, 118 और 119 में महाभारत और भागवत पुराण के खंड 10.45 और 10.78 में प्रभास को सौराष्ट्र के समुद्र तट पर एक तीर्थ बताया गया है.
कई मुस्लिम आक्रमणकारियों और शासकों द्वारा बार-बार नष्ट किए जाने के बाद, मंदिर का अतीत में कई बार पुनर्निर्माण किया गया था.
दिव्य चुंबकीय शक्ति से युक्त सोमनाथ ज्योतिर्लिंग हवा में लटकने वाला ऐसा शिवलिंग था, जिसे स्पर्श नहीं किया जाता था. अफगानिस्तान से आए लुटेरे गजनवी जब भाले और तलवारों से इस शिवलिंग को ध्वस्त नहीं कर पाया तो उसने लकड़ी भारी लट्ठों से इसे तोड़ा.
सोमनाथ मंदिर और ज्योतिर्लिंग से जुड़ी रहस्यमयी मान्यताओं ने सदियों से लोगों को आकर्षित किया है. जानिए महमूद गजनवी के हमले, मंदिर के इतिहास और चुंबकीय शिवलिंग से जुड़े दावों की कहानी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, सोमनाथ मंदिर में आयोजित 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' में शामिल हुए. सोमनाथ अमृत महोत्सव, मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद उसके उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मनाया गया. इस मौके पर पीएम ने रोड शो किया, इसके बाद मंदिर में पूजा-पाठ किया. इस मौके पर कुंभाभिषेक, एयर शो भी हुआ. देखें गुजरात आजतक.
बीजेपी ने हिंदुत्व और सनातन के दम पर बंगाल फतह किया, और उसकी कोशिश होगी कि सनातन की ये आंधी 2027 के यूपी चुनाव तक भी जारी रहे. इसीलिए पीएम मोदी के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोमनाथ के बहाने विदेशी आक्रांताओं के आक्रमण को उजागर किया. देखें वीडियो.
देश की आजादी के तुरंत बाद शुरू हुए सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण को लेकर तत्कालीन सरकार के शीर्ष नेतृत्व के बीच गंभीर मतभेद थे. भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निजी पत्रों से खुलासा हुआ है कि वह सरकार के किसी भी प्रतिनिधि के धार्मिक आयोजन से जुड़ने के खिलाफ थे. वहीं तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल मंदिर पुनर्निर्माण के पक्ष में खड़े रहे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ के गर्भ गृह में की पूजा-अर्चना.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की आरती की.
यह पाठ भगवान मंगल ओम विष्णु विष्णु विष्णु हो श्रीमद भगवत महा का है. इसे ध्यान और भक्ति के लिए प्रयोग किया जाता है. इस मंत्र का उच्चारण आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाने और मानसिक शांति प्राप्त करने में सहायक होता है. श्रीमद भगवत महा का जाप धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा में किया जाता है. यह पाठ मन को शुद्ध करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में मददगार साबित होता है.
सोमनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलाभिषेक किया.
सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की विशेष पूजा.
सोमनाथ मंदिर पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा हुई. यह वीडियो उस हेलीकॉप्टर की खास क्षणों को दर्शाता है जो पुष्प अर्पण कर रहा है. इसका कई लोगों को बेसब्री से इंतजार था. इस पुष्प वर्षा का आयोजन अमृत महोत्सव के दौरान हुआ है, जिसका भव्य स्वरूप पूरे भारतवर्ष में दिखाई दे रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ में लगाया हर हर महादेव का जयकारा.
गुजरात के सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने कहा कि ये दिन भारत की आजादी और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक है. इस दौरान उन्होंने पोखरण परमाणु परीक्षण और राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी दिवस का भी जिक्र किया, जो भारत की शक्ति और संकल्प को दिखाता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर में 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित 'सोमनाथ अमृत पर्व-2026' में हिस्सा लिया. उन्होंने हेलिपैड से मंदिर तक 1 किलोमीटर लंबा रोड शो किया. उन्होंने जनसभा को भी संबोधित किया और सोमनाथ मंदिर की अहमियत पर चर्चा की.
गुजरात के सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण होने के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित 'सोमनाथ अमृत पर्व-2026' में पीएम मोदी ने हिस्सा लिया.
सोमनाथ मंदिर पर कई बार हमला हुआ है. ऐसे में जानते हैं कि आज जो सोमनाथ मंदिर खड़ा है, उसके बनने की क्या कहानी है?
Somnath Amrut Mahotsav PM Modi Pooja: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, सोमनाथ मंदिर में आयोजित 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' में शामिल हुए.सोमनाथ अमृत महोत्सव, मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद उसके उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मनाया जा रहा है. इस मौके पर पीएम ने रोड शो किया, इसके बाद मंदिर में पूजा-पाठ किया.
Somnath Kumbhabhishek: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, सोमनाथ मंदिर में आयोजित 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' में शामिल हुए.सोमनाथ अमृत महोत्सव, मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद उसके उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मनाया जा रहा है. इस मौके पर पीएम ने रोड शो किया, इसके बाद मंदिर में पूजा-पाठ किया.
मिडिल ईस्ट में तनाव से पैदा हुए वैश्विक संकट के बीच हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने एक साल तक सोने ना खरीदने की अपील की. मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच उन्होंने तेल संकट से बचने के लिए सलाह दी कि पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करें. पीएम ने साथ ही कोरोना काल की तरह वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील की.
भारत की आध्यात्मिक अस्मिता के प्रतीक प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के मंदिर में 11 मई 2026 का दिन इतिहास के सुनहरे पन्नो में दर्ज होने जा रहा है. मई 1951 में मंदिर के प्रथम लोकार्पण से मई 2026 के भव्य दर्शनों तक सोमनाथ की समृद्धशाली विरासत में 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तय कर ली.
सोमनाथ मंदिर के अमृत महोत्सव में पीएम मोदी भी शामिल होने वाले हैं. इस अमृत पर्व का मुख्य आकर्षण मंदिर के 90 मीटर ऊंचे शिखर पर होने वाला पहला 'कुंभाभिषेक' है. इस दौरान मंदिर के शिखर पर 11 तीर्थों के पवित्र जल से कुंभाभिषेक किया जाएगा.