श्रीखंड (Shrikhand) भारत की पारंपरिक मिठाइयों में शामिल एक लोकप्रिय व्यंजन है. यह मुख्य रूप से दही से तैयार किया जाता है और महाराष्ट्र तथा गुजरात के खानपान में इसका विशेष स्थान माना जाता है. समय के साथ श्रीखंड देश के कई अन्य हिस्सों में भी बनाया और खाया जाने लगा है.
श्रीखंड बनाने के लिए आमतौर पर गाढ़े दही का इस्तेमाल किया जाता है. दही को कपड़े में बांधकर कुछ समय के लिए लटकाया जाता है, जिससे उसका अतिरिक्त पानी निकल जाता है. इस प्रक्रिया के बाद प्राप्त गाढ़े दही को छना हुआ दही या चक्का कहा जाता है. इसी चक्के से श्रीखंड तैयार किया जाता है.
श्रीखंड में चीनी मिलाई जाती है. इसके अलावा स्वाद और सुगंध के लिए इलायची, केसर और कभी-कभी जायफल का इस्तेमाल किया जाता है. कुछ स्थानों पर इसमें कटे हुए बादाम, पिस्ता या काजू भी डाले जाते हैं. हालांकि पारंपरिक श्रीखंड में मुख्य आधार चक्का, चीनी और सुगंधित मसाले ही होते हैं.
महाराष्ट्र में श्रीखंड को कई परिवारों में विशेष अवसरों और त्योहारों के भोजन का हिस्सा बनाया जाता है. इसे अक्सर पूरी के साथ परोसा जाता है. गुजरात में भी श्रीखंड का इस्तेमाल भोजन और मिठाई के रूप में किया जाता है. महाराष्ट्र और गुजरात के अलावा राजस्थान तथा देश के दूसरे हिस्सों में भी इसके अलग-अलग तरीके देखने को मिलते हैं.
श्रीखंड की एक प्रमुख किस्म आम्रखंड है. इसमें पके आम का गूदा मिलाया जाता है. आम के मौसम में आम्रखंड को विशेष रूप से तैयार किया जाता है. इसके अलावा बाजार में केसर श्रीखंड, इलायची श्रीखंड और अन्य स्वाद वाले श्रीखंड भी मिलते हैं.
घर पर श्रीखंड तैयार करने के लिए सबसे पहले दही को अच्छी तरह छानकर उसका पानी अलग किया जाता है. इसके बाद गाढ़े दही में चीनी और पसंद के अनुसार इलायची या केसर मिलाया जाता है. मिश्रण को अच्छी तरह फेंटकर कुछ समय के लिए ठंडा किया जाता है. इसके बाद इसे सीधे या पूरी के साथ परोसा जा सकता है.
आज श्रीखंड तैयार रूप में मिठाई की दुकानों और कई खाद्य उत्पादों के बाजार में भी उपलब्ध है. पैक किए गए श्रीखंड में दूध से बने पदार्थ, चीनी, स्वाद और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसकी सामग्री और बनाने की विधि उत्पाद के अनुसार अलग हो सकती है.
गुलाब-पिस्ता श्रीखंड एक स्वादिष्ट और मलाईदार भारतीय मिठाई है, जिसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. गाढ़े दही, गुलाब सिरप, पिसी चीनी, इलायची और पिस्ते से तैयार होने वाली इस मिठाई को बनाने के लिए गैस जलाने की जरूरत नहीं पड़ती. इसे ठंडा सर्व करें. आइए आपको इसकी आसान रेसिपी बताते हैं.