दिल्ली का सदर बाजार (Sadar Bazar, Delhi) देश के प्रमुख थोक बाजारों में शामिल है. यह बाजार पुरानी दिल्ली में स्थित है. यहां घरेलू सामान, खिलौने, स्टेशनरी, कृत्रिम आभूषण, कपड़े, जूते, उपहार सामग्री और दैनिक उपयोग की कई वस्तुओं का कारोबार होता है. सदर बाजार मुख्य रूप से थोक व्यापार के लिए जाना जाता है, हालांकि यहां खुदरा खरीदारी करने वाले ग्राहक भी पहुंचते हैं. व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से यह दिल्ली के प्रमुख बाजारों में से एक है.
सदर बाजार का इतिहास दिल्ली के पुराने व्यापारिक क्षेत्रों के विकास से जुड़ा हुआ है. मुगल काल में पहाड़गंज को शाहगंज या किंग्स गंज के नाम से भी जाना जाता था. पहाड़गंज, किशनगंज और पहाड़ी धीरज जैसे इलाके पहले अलग-अलग बस्तियों के रूप में मौजूद थे. वर्ष 1857 के बाद इन क्षेत्रों का विस्तार हुआ और धीरे-धीरे ये एक-दूसरे से जुड़ते चले गए. पहाड़ी धीरज का क्षेत्र भी बाद में सदर बाजार का हिस्सा बन गया.
सदर बाजार खारी बावली सड़क के पश्चिमी हिस्से में स्थित है. यहां पहुंचने के लिए दिल्ली के विभिन्न इलाकों से बस, रेल, मेट्रो और ऑटो रिक्शा की सुविधा उपलब्ध है. बाजार के आसपास दिल्ली सदर बाजार रेलवे स्टेशन स्थित है. इस रेलवे स्टेशन का कोड डीएसबी है. यह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां से विद्युत रेलगाड़ियों, मेमू और यात्री रेलगाड़ियों का संचालन होता है.
सदर बाजार के अंतर्गत कई छोटे व्यापारिक बाजार भी आते हैं. इनमें प्रताप बाजार, स्वदेशी बाजार और तेलीवाड़ा या टिम्बर बाजार प्रमुख हैं. स्वदेशी बाजार में खिलौने, कृत्रिम आभूषण, उपहार सामग्री और प्लास्टिक के सामान का थोक कारोबार होता है. यहां बड़ी संख्या में छोटी दुकानें संचालित होती हैं. बाजार की गलियों में अलग-अलग प्रकार की वस्तुओं की दुकानें मौजूद हैं.
इस बाजार में घरेलू सामान के अलावा इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, कॉस्मेटिक, कपड़े, जूते, चमड़े के उत्पाद और खाद्य सामग्री भी उपलब्ध हैं. यहां पारंपरिक भारतीय मिठाइयों और घी में तैयार किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की दुकानें भी हैं. वर्ष 2015 में अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने सदर बाजार को नकली उपभोक्ता वस्तुओं और सौंदर्य प्रसाधनों के कारोबार के संबंध में चर्चित बाजारों की सूची में शामिल किया था.
सदर बाजार में प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी और ग्राहक पहुंचते हैं. स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, यहां बिजली कटौती, सड़कों की खराब स्थिति, सफाई व्यवस्था की कमी और यातायात जाम जैसी समस्याएं भी बनी रहती हैं. अधिक भीड़ और संकरी गलियों के कारण बाजार में आवागमन प्रभावित होता है. इसके बावजूद सदर बाजार दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में अपनी पहचान बनाए हुए है. यह बाजार दिल्ली की थोक व्यापार व्यवस्था और पुराने शहर के व्यावसायिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
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