रुपे (RuPay) भारत का घरेलू कार्ड भुगतान नेटवर्क है, जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई ने विकसित किया है. इसे भारतीय बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए घरेलू स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया था. रुपे नाम रुपये और पेमेंट शब्दों से मिलकर बना है.
रुपे कार्ड योजना को 26 मार्च 2012 को औपचारिक रूप से शुरू किया गया था. शुरुआत में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और एक्सिस बैंक इसके शुरुआती सहभागी बैंकों में शामिल थे. इसके बाद रुपे कार्ड का इस्तेमाल करने वाले बैंकों और ग्राहकों की संख्या में विस्तार हुआ.
रुपे के तहत डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और प्रीपेड कार्ड उपलब्ध हैं. इन कार्डों का इस्तेमाल एटीएम, पीओएस मशीन और ई कॉमर्स वेबसाइटों पर भुगतान के लिए किया जा सकता है. अलग अलग जरूरतों के अनुसार रुपे कार्ड के कई प्रकार जारी किए जाते हैं.
रुपे ने संपर्क रहित भुगतान की सुविधा भी शुरू की है. रुपे कॉन्टैक्टलेस कार्ड में कार्ड को समर्थ रीडर के पास ले जाकर भुगतान किया जा सकता है. इस तकनीक का इस्तेमाल खुदरा खरीदारी के अलावा सार्वजनिक परिवहन, टोल और पार्किंग जैसे क्षेत्रों में भी किया जा सकता है.
रुपे कार्ड को भारत के डिजिटल भुगतान ढांचे का एक हिस्सा माना जाता है. एनपीसीआई के अनुसार, रुपे का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक खुदरा भुगतान को बढ़ावा देना और अलग अलग श्रेणियों के ग्राहकों के लिए कार्ड आधारित भुगतान व्यवस्था उपलब्ध कराना है. रुपे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता के लिए डिस्कवर फाइनेंशियल सर्विसेज, जापान क्रेडिट ब्यूरो और चाइना यूनियनपे जैसे नेटवर्क के साथ भी साझेदारी की है.
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