राकेश टिकैत, राजनेता
राकेश सिंह टिकैत (Rakesh Singh Tikait) भारतीय राजनेता और भारतीय किसान संघ (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं (Spokesperson of BKU). टिकैत का जन्म 4 जून 1969 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के सिसौली कस्बे में हुआ था (Rakesh Tikait Date of Birth). वह एक प्रमुख किसान नेता और बीकेयू के सह-संस्थापक महेंद्र सिंह टिकैत (late Mahendra Singh Tikait) के पुत्र हैं. राकेश टिकैत के सबसे बड़े भाई नरेश टिकैत हैं, जो बीकेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं (Rakesh Tikait Family).
टिकैत ने मेरठ विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल की और उसके बाद एलएलबी किया (Rakesh Tikait Education). वह 1992 में दिल्ली पुलिस में शामिल हुए, फिर सब-इंस्पेक्टर के रूप में कार्य किया (Rakesh Tikait In Delhi Police) लेकिन 1993-1994 में दिल्ली पुलिस की नौकरी छोड़ दी और वह बीकेयू में शामिल हो गए. अपने पिता की मृत्यु के बाद, टिकैत आधिकारिक रूप से बीकेयू में शामिल हो गए और बाद में इसके प्रवक्ता बने (Rakesh Tikait Joined BKU). 2018 में, टिकैत हरिद्वार, उत्तराखंड से दिल्ली तक किसान क्रांति यात्रा के नेता थे. टिकैत ने 2007 के यूपी विधानसभा चुनाव में खतौली सीट से कांग्रेस की समर्थन वाली बहुजन किसान दल (बीकेडी) पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. 2014 के भारतीय आम चुनाव में, उन्होंने अमरोहा लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय लोक दल के टिकट पर चुनाव लड़ा (Rakesh Tikait Political Career).
नवंबर 2020 में, उनका संगठन बीकेयू 2020-2021 के भारतीय किसानों के साथ विरोध में शामिल हो गया. ये आंदोलन एमएसपी को कानूनी अधिकार के रूप में घोषित करने की मांग करते हुए, किसानों को कानून से बाहर करने के लिए, पराली जलाने की अनुमति देने के लिए और कृषि बिलों को हटाने के लिए किया गया था (Rakesh Tikait in Farmers Protest).
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने विपक्ष से दिल्ली के रामलीला मैदान की तर्ज पर सभी राज्यों में बड़ी रैलियां करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि देश को बचाने के लिए वैचारिक क्रांति जरूरी है और राहुल गांधी को इसकी पहल करनी चाहिए.
दिल्ली का जंतर-मंतर आज बड़े विरोध-प्रदर्शनों के लिए जाना जाता है, लेकिन 1990 के दशक से पहले बोट क्लब प्रमुख प्रदर्शन स्थल था. 1988 के किसान आंदोलन के बाद बोट क्लब पर रोक बढ़ी और करीब 1993 के बाद जंतर-मंतर ने प्रदर्शन स्थल की भूमिका संभाल ली. वीडियो में जानें क्या है इसका इतिहास.
बिहार में किसान आंदोलन को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने बड़ा ऐलान किया है. जमीन से जुड़े इस मुद्दे पर टिकैत ने किसानों से एकजुट होने की अपील की है.
बागपत में ओवर-ऐज वाहनों पर परिवहन विभाग की कार्रवाई से भड़के भाकियू नेताओं ने ARTO कार्यालय का घेराव कर अधिकारी को धरने पर बैठा दिया. राकेश टिकैत के भांजे राजेंद्र चौधरी का वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें वह ARTO को धमकाते और कार्रवाई करने पर जूतों से पीटने की चेतावनी देते नजर आ रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में BKU ने पहली किसान मजदूर रात्रि महापंचायत आयोजित की. इसमें गन्ने के दाम, बिजली, MSP गारंटी कानून और जमीन के सर्किल रेट बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.
नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बीच किसान नेता राकेश टिकैत अपने 8 से 9 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल के साथ पोखरा में फंसे हुए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद के सुरक्षित होने की जानकारी दी. रास्ते बंद होने के कारण वे गाड़ियां छोड़कर फ्लाइट से दिल्ली वापस लौटेंगे.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने दिल्ली में किसान नेता राकेश टिकैत से मुलाकात कर किसानों, छात्रों और युवाओं का संयुक्त मोर्चा बनाने की बात कही. CJP का आरोप है कि आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को सभी राज्यों में वापस नहीं लिया गया है.
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में चल रहे किसानों के आंदोलन के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. पुलिस ने राकेश टिकैत को उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे आंदोलन में शामिल होने और किसानों को समर्थन देने के लिए पहुंच रहे थे. भुवनेश्वर में किसानों का यह आंदोलन 22 मार्च से लगातार जारी है. देखें...
ओडिशा में किसान नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के बाद बुलंदशहर, हापुड़ समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भारी आक्रोश है. भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने खुर्जा कोतवाली समेत कई थानों का घेराव कर नारेबाजी की. किसानों ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए रिहाई तक आंदोलन की चेतावनी दी है.
ओडिशा में राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के विरोध में खुर्जा में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया. भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में किसानों ने कोतवाली का घेराव कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. नेताओं ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए तानाशाही करार दिया. जिला अध्यक्ष चौधरी अरब सिंह ने चेतावनी दी कि रिहाई तक देशभर में प्रदर्शन जारी रहेंगे. स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा और अतिरिक्त बल तैनात किया गया.
किसान नेता राकेश टिकैत ने सीड्स बिल और अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है. टिकैत ने कहा है कि हम सरकार से बातचीत करना चाहते हैं.
देश के प्रमुख किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते का कड़ा विरोध जताया है, जिसे वे कृषि और डेयरी सेक्टर के लिए गंभीर खतरा मानते हैं. संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) समेत कई समूहों ने 12 फरवरी को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है.
यूजीसी के नए नियमों के लागू होने के साथ ही विवाद गहरा गया है. सड़क से सोशल मीडिया तक संग्राम छिड़ गया है. इसे लेकर लोगों के बयान आ रहे हैं, कवि कुमार विश्वास से लेकर किसान नेता राकेश टिकैत तक ने सवाल उठाया तो आरजेडी की प्रवक्ता कंचना यादव अलग लाइन पर दिख रही है.
किसान नेता राकेश टिकैत लखनऊ में बृजेश पाठक से मुलाकात करते हैं और सोशल मीडिया में फोटो भी शेयर करते हैं, लेकिन सुल्तानपुर जैसे ही पहुंचे, उनके तेवर बदल गए. बसपा प्रमुख मायावती को यूपी की नंबर वन मुख्यमंत्री बता दिया. यूपी में 2027 के चुनाव पहले क्या दांव चला जा रहा है?
मुजफ्फरनगर में राकेश टिकैत के साथ हुई धक्कामुक्की के बाद भारतीय किसान यूनियन के द्वारा एक महापंचायत का आयोजन किया गया था. इसमें समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने एक ऐसा बयान दिया था जिसके बाद हिंदू संगठन के लोगों ने उनपर एक्शन लेने की मांग की है.
पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में निकाली गई जन आक्रोश रैली में राकेश टिकैत के साथ हुई धक्का-मुक्की से नाराज भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में महापंचायत बुलाई है. टिकैत ने इसे किसान सम्मान का सवाल बताया और चेताया कि अगर किसानों की प्रतिष्ठा पर वार होगा, तो बड़ा फैसला लिया जाएगा.
पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर कल रात अचानक पंजाब पुलिस ने धावा बोल दिया. किसान भी समझ नहीं पाए कि, जो पंजाब की मान सरकार और पंजाब पुलिस उनके आंदोलन को जारी रखने में मददगार बनी थी. उसे अचानक ये क्या हो गया. उनके ठिकानों को जमींदोज कर दिया. लेकिन बीजेपी ने पंजाब सरकार की इस कार्रवाई के पीछे केजरीवाल को राज्यसभा पहुंचाने की कवायद बताई है तो सत्ता पक्ष के अपने दावे हैं. देखें हल्ला बोल.
राकेश टिकैत ने पंजाब सरकार द्वारा किसानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई को गलत बताया. उन्होंने कहा कि भारत सरकार पूंजीपतियों के दबाव में काम कर रही है. टिकैत ने स्पष्ट किया कि किसान किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं हैं. उन्होंने भगवंत मान से बातचीत करने और किसानों की मांगों पर ध्यान देने का आग्रह किया. देखिए.
पंजाब सरकार ने हाल ही में हरियाणा की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन के खिलाफ शक्ति का प्रदर्शन किया है. इसके तहत प्रमुख किसान नेता जैसे जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंढेर सहित अन्य को हिरासत में लिया गया है. किसान नेता राकेश टिकैत ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की निंदा की है. देखें.
टिकैत ने दावा किया कि बिहार में किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा, "बिहार में देशभर में पॉपकॉर्न के लिए इस्तेमाल होने वाला मक्का पैदा होता है, लेकिन वहां के किसानों को केवल 12-14 रुपये प्रति किलो का भाव मिलता है. यही वजह है कि कई किसान बिहार छोड़कर पलायन कर गए हैं."
महाकुंभ में स्नान के लिए पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने योगी सरकार की तारीफ की. संगम में स्नान के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए महाकुंभ में अच्छी व्यवस्था मुहैया कराने पर प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया.