राजा मुथुपांडी (Raja Muthupandi) भारत के एक वेटलिफ्टर हैं. उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के 65 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीता. ग्लासगो में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने स्नैच में 126 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 160 किलोग्राम वजन उठाया. इस तरह उनका कुल स्कोर 286 किलोग्राम रहा.
राजा मुथुपांडी तमिलनाडु के रहने वाले हैं. उनका खेल सफर कई उतार-चढ़ाव से गुजरा है. साल 2019 में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के दौरान उनके दाहिने हाथ की कोहनी का लिगामेंट फट गया था. इसके बाद उनकी सर्जरी हुई और उन्हें लंबे समय तक प्रतियोगिताओं से बाहर रहना पड़ा. उन्होंने 2021 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप के जरिए प्रतिस्पर्धी वेटलिफ्टिंग में वापसी की.
साल 2025 उनके करियर का अहम पड़ाव रहा. अहमदाबाद में आयोजित कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 296 किलोग्राम (128 किलोग्राम स्नैच और 168 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ सिल्वर मेडल जीता.
इसके बाद उन्होंने नॉर्वे के फोर्डे में आयोजित विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया. वहां उन्होंने 299 किलोग्राम (130 किलोग्राम स्नैच और 169 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए नौवां स्थान हासिल किया.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर्स का शानदार प्रदर्शन जारी है. मीराबाई चानू के गोल्ड और ऋषिकांत सिंह के सिल्वर के बाद अब राजा मुथुपांडी ने रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है. कभी गंभीर चोट और टीम से बाहर होने का दर्द झेलने वाले मुथुपांडी ने ग्लासगो में अपने संघर्ष को सफलता में बदल दिया.