पिठोरी अमावस्या (Pithori Amavasya) हिंदू पंचांग में आने वाली अमावस्या तिथियों में से एक है. इसे भाद्रपद अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है. कुछ क्षेत्रों में इसे पिठोरी अमावस्या, पोला अमावस्या या कुशोत्पाटिनी अमावस्या जैसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है. इस दिन अमावस्या तिथि होने के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देता है.
पिठोरी अमावस्या मुख्य रूप से महिलाओं से जुड़े धार्मिक व्रत और पूजा से संबंधित मानी जाती है. कई स्थानों पर विवाहित महिलाएं परिवार की सुख-शांति और संतान से जुड़े धार्मिक संकल्प के लिए इस दिन व्रत रखती हैं. हालांकि इस अमावस्या की पूजा और व्रत की परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों में अलग तरीके से प्रचलित हैं.
पिठोरी अमावस्या के दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा किए जाने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में मिलती है. कई स्थानों पर महिलाएं मिट्टी या आटे से देवी-देवताओं की छोटी प्रतिमाएं बनाकर उनकी पूजा करती हैं. पिठोरी शब्द का संबंध पिठ यानी आटे से बनाए जाने वाले धार्मिक प्रतीकों से जोड़ा जाता है. पूजा की विधि स्थानीय परंपरा और परिवार की मान्यता के अनुसार अलग हो सकती है.
इस दिन सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेने और पूजा करने की परंपरा है. पूजा के दौरान देवी-देवताओं को फूल, फल, दीपक और अन्य पूजा सामग्री अर्पित की जाती है. कुछ परिवारों में विशेष पकवान बनाकर उनका भोग लगाया जाता है. व्रत रखने वाली महिलाएं पूजा के बाद कथा सुनती हैं और धार्मिक नियमों के अनुसार व्रत पूरा करती हैं.
पिठोरी अमावस्या से जुड़ी एक प्रमुख धार्मिक कथा में एक महिला और उसके परिवार से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख मिलता है. कथा में देवी की पूजा और उनके आशीर्वाद को संतान तथा परिवार की रक्षा से जोड़ा गया है. अलग-अलग क्षेत्रों में इस कथा के रूप और विवरण में अंतर पाया जाता है.
अमावस्या होने के कारण पिठोरी अमावस्या के दिन पितरों के लिए तर्पण और दान करने की परंपरा भी कुछ स्थानों पर प्रचलित है. लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्य सामग्री दान करते हैं.
पिठोरी अमावस्या की तिथि हर वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार बदलती है. इसकी सही तारीख और पूजा का समय स्थान के अनुसार पंचांग से देखा जाता है. इस प्रकार पिठोरी अमावस्या धार्मिक परंपराओं, व्रत, पूजा, कथा और अमावस्या से जुड़े कर्मकांडों वाला एक महत्वपूर्ण दिन है.
Pithori Amavasya 2026 Date: पिठोरी अमावस्या भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाई जाने वाली एक अत्यंत पवित्र अमावस्या है. इसकी तिथि को लेकर लोगों के मन में काफी कंफ्यूजन है. तो आइए जानते हैं इसकी तिथि.