बवासीर (Piles), जिसे मेडिकल भाषा में Hemorrhoids कहा जाता है, गुदा और मलाशय के आसपास की नसों और रक्त वाहिकाओं के सूजने की स्थिति है. यह एक आम समस्या है और किसी भी उम्र में हो सकती है. हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा बढ़ सकता है.
बवासीर मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है. आंतरिक बवासीर मलाशय के अंदर होती है, जबकि बाहरी बवासीर गुदा के आसपास की त्वचा के नीचे विकसित होती है. दोनों के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं और कुछ मामलों में दोनों प्रकार एक साथ भी हो सकते हैं.
मल त्याग के दौरान लगातार जोर लगाने से गुदा क्षेत्र की रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है. लंबे समय तक कब्ज रहना, टॉयलेट में ज्यादा देर तक बैठना और कम फाइबर वाला भोजन करना भी इसके सामान्य कारणों में शामिल हैं. गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव और बढ़ता दबाव भी बवासीर की समस्या का कारण बन सकता है.
बवासीर में मल त्याग के दौरान या उसके बाद ताजा लाल खून दिखाई दे सकता है. कुछ लोगों को गुदा के आसपास खुजली, जलन, दर्द या सूजन की शिकायत होती है. बाहरी बवासीर में गांठ महसूस हो सकती है. हालांकि, हर व्यक्ति में लक्षण एक जैसे नहीं होते.
बवासीर का इलाज उसकी गंभीरता और लक्षणों के आधार पर किया जाता है. हल्की समस्या में कब्ज को नियंत्रित करना, पर्याप्त पानी पीना, फाइबर युक्त भोजन लेना और मल त्याग के दौरान जोर लगाने से बचना मददगार हो सकता है. डॉक्टर जरूरत के अनुसार दवाएं या अन्य उपचार भी सुझा सकते हैं. गंभीर या लगातार बनी रहने वाली बवासीर में मेडिकल प्रक्रिया या सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है.
मल में बार-बार खून आना, तेज दर्द होना या लक्षण लगातार बने रहना केवल बवासीर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, क्योंकि मलाशय से रक्तस्राव के दूसरे कारण भी हो सकते हैं.
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