परगट सिंह (Pargat Singh) भारतीय हॉकी के पूर्व खिलाड़ी और पंजाब के राजनेता हैं. उनका जन्म 5 मार्च 1965 को हुआ था. हॉकी में वे फुल बैक की भूमिका में खेलते थे. उन्होंने भारतीय पुरुष हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व किया और बाद में राजनीति में प्रवेश किया.
परगट सिंह ने 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक और 1996 के अटलांटा ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम की कप्तानी की. 1985 में पर्थ में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत और जर्मनी के मुकाबले में उनका नाम चर्चा में आया. इस मैच में भारत एक समय 1-5 से पीछे था. इसके बाद परगट सिंह ने अंतिम छह मिनट में चार गोल किए और मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ. 1986 में कराची में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी में उन्होंने हॉलैंड के खिलाफ भारत की 3-2 की जीत वाले मुकाबले में भी भूमिका निभाई.
हॉकी से जुड़े रहने के बाद परगट सिंह ने पंजाब पुलिस में एसपी के तौर पर भी काम किया. वर्ष 2003 में वे जालंधर की सुरजीत सिंह मेमोरियल हॉकी टूर्नामेंट सोसाइटी के उपाध्यक्ष बने.
परगट सिंह ने इसके बाद राजनीति में कदम रखा. वे शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर जालंधर कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़े और कांग्रेस उम्मीदवार जगबीर सिंह बरार को हराया. जुलाई 2016 में उन्हें अकाली दल से निलंबित कर दिया गया. इसके बाद उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू और बैंस बंधुओं के साथ आवाज-ए-पंजाब नामक राजनीतिक मोर्चा बनाया.
बाद में परगट सिंह कांग्रेस में शामिल हुए. वर्ष 2017 से वे जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक रहे हैं. 2017 में उन्हें हॉकी पंजाब का महासचिव भी बनाया गया.
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने दावा किया है कि 4 नवंबर को संगरूर में होने वाली ‘इंसाफ रैली’ में एक लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रैली को संबोधित करेंगे. परगट सिंह ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि साढ़े चार साल में पंजाब को न न्याय मिला, न नशे से मुक्ति और न किसानों को राहत.