राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त को चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरने के उपलक्ष में मनाया जाता है. 23 अगस्त 2023 को, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रयान-3 के लैंडर और रोवर को चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतारकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की. इसके साथ ही, भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास उतरने वाला पहला देश बन गया. सॉफ्ट-लैंडिंग के बाद प्रज्ञान रोवर की सफल तैनाती हुई. इस उपलब्धि को मान्यता देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अगस्त को भारत में 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस' (National Space Day) घोषित किया.
साल 2047 तक भारत को एक विकसित और सशक्त राष्ट्र बनाने का एक बड़ा संकल्प लिया है. इस महासंकल्प को हकीकत में बदलने और सफलता की ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए हमारे स्पेस सेक्टर यानी अंतरिक्ष क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ी होने वाली है. अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. चंद्रयान, मंगलयान और गगनयान जैसे मिशनों ने पूरी दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया है. उन्होंने कहा कि चंद्रयान मिशन की ऐतिहासिक सफलता से लेकर गगनयान मिशन की महत्वाकांक्षी योजना तक, अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की यात्रा बेहद शानदार और उल्लेखनीय रही है. यह सफलता हमारे देश की वैज्ञानिक उत्कृष्टता, तकनीकी क्षमता और नवाचार के प्रति अटूट जज्बे को प्रदर्शित करती है. राजनाथ सिंह ने इस खास अवसर पर देश के सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियर्स और भारतीय अंतरिक्ष समुदाय के प्रत्येक सदस्य को उनकी कड़ी मेहनत के लिए सलाम किया.
भारत आज अपना पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (National Space Day) बहुत ही गर्व के साथ मना रहा है. पिछले साल यानी 23 अगस्त 2023 को भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक नया इतिहास रचा था, जब इसके लैंडर 'विक्रम' ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग की थी. इस बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की याद में ही सरकार द्वारा हर साल 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी.
अयोध्या की पावन धरती से यह संदेश दिया गया था कि वर्तमान युग एक नए कालचक्र की शुरुआत का प्रतीक है. यह एक नए काल चक्र का उद्गम है, जो भारत को वैश्विक मंच पर एक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है. इस नए काल क्षेत्र में, जिसे हम आधुनिक वैश्विक व्यवस्था या ग्लोबल ऑर्डर कहते हैं, भारत अपनी स्थिति और प्रभाव को लगातार मजबूत और बड़ा बना रहा है. भारत की यह बढ़ती ताकत न केवल राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में दिख रही है.
चंद्रयान-3 के चंद्र लैंडिंग की याद में आज यानी 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे मनाया जाता है.. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुभकामनाएं दी..पोस्ट कर कहा, आइए, और भी बड़े सपने देखें, ज़्यादा इनोवेशन करें और नई सीमाओं को पार करें. इसके अलावा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पोस्ट कर कहा, चंद्रयान मिशन की ऐतिहासिक सफलता से लेकर गगनयान मिशन की महत्वाकांक्षी योजना तक, अंतरिक्ष में भारत की उल्लेखनीय यात्रा राष्ट्र की वैज्ञानिक उत्कृष्टता, तकनीकी क्षमता और नवाचार के अटूट जज़्बे को दर्शाती है. देखें...
आज राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया. उन्होंने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन लॉन्च करने की तैयारी का जिक्र किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पेस सेक्टर में भारत के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में अवसर बनने जा रहे हैं. उन्होंने आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए स्पेस स्टार्ट अप्स से अगले पांच वर्षों में पांच यूनिकॉर्न खड़े करने का आह्वान किया.
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2025 ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा को गर्व के साथ प्रदर्शित किया. PSLV की शुरुआत से लेकर गगनयान और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन तक, इसरो ने दुनिया को दिखाया कि भारत अंतरिक्ष में कितना सक्षम है. चंद्रयान-3 की सफलता ने नई पीढ़ी को प्रेरित किया. BAS जैसे प्रोजेक्ट भारत को अंतरिक्ष महाशक्ति बनाएंगे.
इसरो ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2025 पर भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) का मॉडल पेश किया. 2028 में पहला मॉड्यूल और 2035 तक पूरा स्टेशन बनेगा. BAS-01 का वजन 10 टन होगा. यह 450 किमी ऊपर होगा. यह स्वदेशी तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरिक्ष पर्यटन को बढ़ावा देगा. भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल होगा, जो अंतरिक्ष स्टेशन चलाते हैं.
अंतरिक्ष में एक और कामयाबी की तैयारी. अबकी बार स्पेस में डॉकिंग की बारी, जल्द पूरा होगा भारत का सपना, अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन होगा अपना. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर में हलचल बढ़ी हुई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशवासियों से 'मन की बात की.' PM के 'मन की बात' का यह 113वां एपिसोड है. इस दौरान PM ने कहा कि देश के युवाओं को स्पेस सेक्टर रिफॉर्म से काफी फायदा हुआ है. साथ ही पीएम मोदी ने स्पेस टेक स्टार्टअप GalaxEye से भी बात की. देखें ये वीडियो.
आज यानी 23 अगस्त 2024 को पूरा देश Chandrayaan-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की पहली वर्षगांठ मना रहा है. यानी राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस. ऐसे में आप जानिए भविष्य में बनने वाले भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के बारे में. पहली बार ISRO ने इसका ऑफिशियल Video जारी किया है.. इसमें बताया गया है कि कैसे ये बनेगा. कितने लोग रहेंगे.
National Space Day 2024: आज यानी 23 अगस्त 2024 को पूरा देश Chandrayaan-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की पहली वर्षगांठ मना रहा है. यानी राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस. ऐसे में आप जानिए भविष्य में बनने वाले भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksha Station - BAS) के बारे में. पहली बार ISRO ने इसका ऑफिशियल Video जारी किया है...
चंद्रयान 3 की सफलता के बाद PM मोदी ने 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे घोषित किया था. अब पहले स्पेस डे के मौके पर अहमदाबाद में भी तैयारियां की गई हैं. दरअसल चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग में अहमदाबाद के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर ने बड़ी भूमिका निभाई थी. देखें गुजरात आजतक.
23 अगस्त 2024 को पूरे देश में National Space Day मनाया जाएगा. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इसरो ने Gaganyaan के चारों एस्ट्रोनॉट्स की ट्रेनिंग का एक वीडियो जारी किया है. आप इस वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे इन चारों एयरफोर्स पायलटों की कठिन ट्रेनिंग हुई है.