मोनिंदर सिंह पंढेर (Moninder Singh Pandher) का नाम नोएडा के चर्चित निठारी कांड से जुड़ा रहा है. वह एक कारोबारी हैं और सेक्टर 31 स्थित D-5 मकान के मालिक थे. साल 2006 में इस मकान के पास नाले से मानव अवशेष मिलने के बाद उनका नाम मामले में सामने आया. पंढेर के घरेलू हेल्फ सुरेंद्र कोली के साथ उन्हें गिरफ्तार किया गया था. अलग-अलग मामलों में निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था, लेकिन बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संबंधित मामलों में उन्हें बरी कर दिया. 2025 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश में इन बरी किए जाने के फैसलों के अंतिम होने का उल्लेख है.
जानकारी के अनुसार उनके परिवार में पत्नी देवेंद्र कौर और बेटे करण सिंह पंढेर हैं और परिवार का ताल्लुक चंडीगढ़ से है.
2014 में सुरेंद्र कोली को फांसी होने ही वाली थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आधी रात को एक फ़ैसला सुनाकर उसकी फांसी पर रोक लगा दी. लगभग 19 साल जेल में रहने के बाद उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया गया, लेकिन आज़ाद होने के एक साल से भी कम समय बाद वह हरिद्वार में अपनी चाय की दुकान पर लटका हुआ मिला.