मोनिंदर सिंह पंढेर (Moninder Singh Pandher) का नाम नोएडा के चर्चित निठारी कांड से जुड़ा रहा है. वह एक कारोबारी हैं और सेक्टर 31 स्थित D-5 मकान के मालिक थे. साल 2006 में इस मकान के पास नाले से मानव अवशेष मिलने के बाद उनका नाम मामले में सामने आया. पंढेर के घरेलू हेल्फ सुरेंद्र कोली के साथ उन्हें गिरफ्तार किया गया था. अलग-अलग मामलों में निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था, लेकिन बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संबंधित मामलों में उन्हें बरी कर दिया. 2025 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश में इन बरी किए जाने के फैसलों के अंतिम होने का उल्लेख है.
जानकारी के अनुसार उनके परिवार में पत्नी देवेंद्र कौर और बेटे करण सिंह पंढेर हैं और परिवार का ताल्लुक चंडीगढ़ से है.
निठारी कांड के सभी 13 मामलों में बरी होकर जेल से रिहा हुए सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई. वह शुक्रवार को एक चाय की दुकान पर फंदे से लटका मिला. जेल अधीक्षक के अनुसार, जेल में उसका व्यवहार सामान्य था. वहीं पीड़ित परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है. कोली नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जेल से बाहर आया था.
2014 में सुरेंद्र कोली को फांसी होने ही वाली थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आधी रात को एक फ़ैसला सुनाकर उसकी फांसी पर रोक लगा दी. लगभग 19 साल जेल में रहने के बाद उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया गया, लेकिन आज़ाद होने के एक साल से भी कम समय बाद वह हरिद्वार में अपनी चाय की दुकान पर लटका हुआ मिला.