मीसा भारती (Misa Bharti) लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की बेटी हैं. 2014 में उन्होंने बिहार के पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और राजद के बागी राम कृपाल यादव से हार गईं. राम कृपाल यादव भाजपा में शामिल हो गए थे. वह 2019 के लोकसभा चुनाव में फिर से उसी पाटलिपुत्र निर्वाचन क्षेत्र से 39,000 से अधिक वोटों के अंतर से हार गईं. जून 2016 में, वह राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के लिए पार्टी की उम्मीदवार थीं और बिहार से राम जेठमलानी के साथ निर्विरोध चुनी गईं.
मीसा भारती का जन्म 1976 में बिहार में हुआ था. लालू यादव को आपातकाल के दौर के आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम (MISA) के तहत उनको जेल में डाल दिया गया था. इसी दौरान पहली संतान का जन्म हुआ और उसका नाम मीसा रखा. मीसा अपने माता-पिता की नौ संतानों में सबसे बड़ी हैं.
मीसा ने 1993 में टिस्को कोटा पर एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया. बाद में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में स्थानांतरित कर दिया गया. मीसा ने पीएमसीएच से स्त्री रोग विज्ञान में डिस्टिंक्शन के साथ एमबीबीएस परीक्षा में टॉप किया.
मीसा भारती ने 10 दिसंबर 1999 को एक कंप्यूटर इंजीनियर शैलेश कुमार से शादी की. दंपति के तीन बच्चे हैं, दो बेटियां और एक बेटा.
रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लेने के आरोपों से जुड़े 'लैंड फॉर जॉब' स्कैम में अब अदालती प्रक्रिया तेज हो गई है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने 9 मार्च से ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया है. इस मामले में लालू परिवार के कई सदस्य आरोपी हैं, जबकि कुछ आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी है. अब इस हाई-प्रोफाइल केस पर सभी की निगाहें अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.
पटना में RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने के बाद पार्टी और परिवार दोनों में सियासी घमासान तेज हो गया है. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने X पर लगातार पोस्ट कर तेजस्वी और पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला. वहीं तेज प्रताप यादव ने रोहिणी के बयान का समर्थन किया. दूसरी ओर मीसा भारती ने तेजस्वी को बधाई दी. बैठक में लालू यादव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
आरजेडी में तेजस्वी यादव को कमान सौंपे जाने की जोरदार चर्चा है. और, इसके लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है. मीसा भारती के समर्थकों की भी अपनी मांग है - लालू यादव के सामने पार्टी और परिवार दोनों को एकजुट रखने की चुनौती है.
लालू प्रसाद यादव स्वास्थ्य जांच के लिए पटना से दिल्ली रवाना हो गए हैं. उन्हें पिछले कुछ दिनों से आंख की समस्या थी, जिसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों से काउंसलिंग और मेडिकल जांच कराई जायेगी. उनकी बड़ी बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती भी उनके साथ दिल्ली गई हैं.
लालू यादव के हस्तक्षेप के बाद तेजस्वी यादव को फिर से आरजेडी विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. और, ये आरजेडी में लालू यादव की राजनीतिक विरासत को फिर से मंजूरी दिए जाने जैसा ही है - और हां, घर का झगड़ा खत्म कराने के लिए अब लालू यादव ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. लेकिन, इससे किस पर कितना फर्क पड़ेगा?
तेज प्रताप यादव की चुनौती आगे कुआं और पीछे खाई वाली थी, लेकिन बिहार चुनाव नतीजे के बाद लालू कुनबे की ताजा कलह ने उनके सामने नए विकल्प रख दिए हैं. रोहिणी आचार्य और तेजस्वी के झगड़े मेें उनके लिए कितनी जगह बनती है, और क्या इससे वे राजद में लौट पाएंगे, देखना होगा. वरना, तेज प्रताप ने एनडीए के साथ जाने का मजबूत संकेत दिया ही है. फैसला तेज प्रताप यादव को ही करना है.
बिहार चुनाव के नतीजों के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी, संजय यादव और रमीज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने तीनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने उन्हें गंदी गालियां दीं, मारने के लिए चप्पल उठाया. उन्होंने कहा कि इसके बाद वह रोते हुए मां-बाप का घर छोड़ आईं.'
बिहार चुनाव में लालू यादव को घर का झगड़ा बहुत महंगा पड़ा है. तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के झगड़े की भारी कीमत चुकानी पड़ी है. तेज प्रताप के पास तो गंवाने के लिए कुछ था भी नहीं, लेकिन राघोपुर में तेजस्वी यादव का जो हाल हुआ है, वो तो पूरी कहानी कह रहा है.
बिहार चुनाव का रिजल्ट तेजस्वी यादव का भविष्य तय करेगा, और तेजस्वी यादव का प्रदर्शन तेज प्रताप यादव का. राघोपुर से तेजस्वी यादव और महुआ से तेज प्रताप यादव की जंग केवल केवल विधानसभा सीटों की नहीं, बल्कि लालू यादव की राजनीतिक विरासत का भविष्य भी तय करेगा.
लालू यादव के परिवार में दोनों बेटों की लड़ाई ने उनकी पार्टी आरजेडी के लिए बेहद नुकसानदेह है. तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव की निजी दुश्मनी में बदली सियासी तकरार आरजेडी के राजनीतिक भविष्य पर तो सवाल उठाता ही है, वंशवाद की राजनीति के लिए भी खतरनाक इशारा है.
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के पहले चरण के मतदान के दिन राजनीतिक सरगर्मी चरम पर रही. एक ओर जहां तेजस्वी यादव ने वोट डालने के बाद 'बिहार की जीत' का दावा किया, वहीं उनकी बहन और राजद सांसद मीसा भारती ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला.
मोकामा में जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के आपत्तिजनक भाषण के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. वो जेल में बंद अनंत सिंह के लिए प्रचार कर रहे हैं, जबकि लालू यादव ने दानापुर में बाहुबली रीतलाल यादव के लिए रोड शो किया है - सवाल है कि बिहार में ‘जंगलराज’ का पैमाना क्या है?
तेजस्वी यादव और तेज प्रताप के बीच बढ़ती तकरार अब महुआ और राघोपुर के चुनावी मैदान में भी खुलकर सामने आ गई है. दोनों भाई एक दूसरे को आमने सामने ललकारने लगे हैं - सवाल ये है कि क्या महुआ में प्रचार करके तेजस्वी ने राघोपुर में खुद के लिए खतरा मोल लिया है?
बिहार में सियासत गरमा गई है, आरजेडी नेता लालू यादव की बेटी मीसा भारती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है. मीसा ने आरोप लगाया गया कि पीएम मोदी बिहार के विकास, बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दों को छोड़कर केवल उनके परिवार पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं. साथ ही उन्होनें डबल इंजन सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए.
लालू यादव के बड़े बेटे को लेकर बिहार में नया सियासी घमासान शुरू हो गया है..लालू के रिश्तेदार कह रहे हैं कि लालू ने अभी ये एक्शन क्यों लिया...तब क्यों नहीं लिया जब तेजप्रताप की विवाहिता पत्नी को मारपीट कर घर से निकाला जा रहा था.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राष्ट्रगान के दौरान चलते-फिरते बात करने का वीडियो विवाद का केंद्र बन गया है. विपक्ष ने उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं. आरजेडी नेता मीसा भारती ने कहा कि नीतीश कुमार को इस्तीफा देकर स्वास्थ्य लाभ लेना चाहिए. देखें.
मीसा भारती ने नीतीश कुमार पर तंज कसा. बिहार की राजनीति में चल रही उथल-पुथल पर मीसा ने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की. उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो कुछ भी हो रहा है, उसे देखकर उन्हें निराशा हो रही है.
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "तेजस्वी, लालू यादव के लड़के हैं. अपने पिताजी से पूछें कि बिहार में उनका कार्यकाल कैसा था. लालू के राज में लोग दिन में अपने घर से निकलने में डरते थे."
बिहार के दही-चूड़ा भोज पर इफ्तार की दावतों से कहीं ज्यादा सियासी रंग चढ़ा होता है. अक्सर ये भोज कई बार खासा चर्चित भी रहा है, लेकिन नीतीश कुमार के इस बार कहीं-नहीं-जाने वाले स्टैंड के चलते सब कुछ सामान्य लगने लगा था - लेकिन चिराग पासवान का न्योता पाने के बाद नीतीश कुमार ने इसे सुर्खियों में ला दिया है.
बिहार में मकर संक्रांति के मौके पर सियासी पारा चढ़ गया है. लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती ने नीतीश कुमार को लेकर एक बयान दिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई. मीसा ने नीतीश को 'हमारा अभिभावक' बताते हुए कहा कि उनके लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं.
पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव की बेटी और आरजेडी सांसद मीसा भारती ने नीतीश को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा,'अंदर कुछ न कुछ चल रहा है. अभी जारी जानकारी नहीं दे सकते कि अंदर क्या चल रहा है, लेकिन वह सामने आएगा. इसके लिए आपको थोड़ा रुकना होगा.'