मशरूम (Mushroom) आजकल खाने की ऐसी चीज बन चुका है, जिसे लोग घर की रसोई से लेकर होटल और रेस्टोरेंट तक खूब पसंद करते हैं. यह दिखने में साधारण होता है, लेकिन इसकी कई किस्में होती हैं और अलग-अलग जगहों पर इनका इस्तेमाल भी अलग तरीके से किया जाता है. मशरूम को सब्जी, सूप, स्नैक्स और कई तरह की दूसरी डिश में इस्तेमाल किया जाता है.
मशरूम को आमतौर पर फंगस यानी कवक की एक प्रजाति माना जाता है. यह पौधों से अलग होता है, क्योंकि इसमें पौधों की तरह क्लोरोफिल नहीं होता. मशरूम आमतौर पर नमी और जैविक पदार्थ वाले वातावरण में उगता है. खाने योग्य मशरूम की कई किस्में बाजार में आसानी से मिल जाती हैं.
भारत में बटन मशरूम सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली किस्मों में शामिल है. इसके अलावा ऑयस्टर मशरूम और मिल्की मशरूम भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं. इनकी बनावट, स्वाद और उगाने का तरीका एक-दूसरे से अलग होता है. बाजार में मशरूम खरीदते समय ताजा और साफ मशरूम लेना जरूरी माना जाता है.
मशरूम को कई तरह से पकाया जा सकता है. इसे मटर, पालक, पनीर और दूसरी सब्जियों के साथ बनाया जाता है. इसके अलावा मशरूम सूप, चिली मशरूम, मशरूम टिक्का और पास्ता जैसी डिश में भी इस्तेमाल होता है. इसका स्वाद हल्का और बनावट थोड़ी मुलायम होती है, इसलिए यह कई व्यंजनों के साथ आसानी से मिल जाता है.
मशरूम की खेती के लिए नियंत्रित तापमान, नमी और साफ-सफाई का ध्यान रखना पड़ता है. अलग-अलग किस्मों के लिए अलग तापमान और वातावरण की जरूरत होती है. यही वजह है कि मशरूम की खेती खुले खेत की बजाय कमरे या नियंत्रित वातावरण में भी की जाती है. कम जगह में उत्पादन की संभावना के कारण कई किसान इसे अतिरिक्त आमदनी के विकल्प के तौर पर देखते हैं.
मशरूम खरीदते समय उसका रंग, बनावट और ताजगी देखनी चाहिए. बहुत ज्यादा नरम, चिपचिपा या खराब गंध वाला मशरूम नहीं लेना चाहिए. इसे खरीदने के बाद साफ करके उचित तरीके से स्टोर करना बेहतर रहता है. जंगली मशरूम की पहचान बिना विशेषज्ञ जानकारी के नहीं करनी चाहिए, क्योंकि हर मशरूम खाने योग्य नहीं होता.
चिकन-मटन खाने का मन नहीं है लेकिन कुछ मसालेदार और जायकेदार खाना चाहते हैं? इस बार घर पर हांडी मशरूम बनाएं. साबुत मसाले, लहसुन, दही और तीखे मसालों से तैयार यह सब्जी रोटी, नान, पराठे और जीरा राइस के साथ बेहद स्वादिष्ट लगेगी और मशरूम पसंद न करने वालों को भी पसंद आ सकती है.