माणिक साहा (Manik Saha) त्रिपुरा के मुख्यमंत्री हैं. वे राज्य विधानसभा में सदन के नेता के रूप में कार्यरत हैं. वह 26 जून 2022 से त्रिपुरा विधानसभा में टाउन बोरडोवाली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. वह 2022 में मुख्यमंत्री बनने तक त्रिपुरा से राज्यसभा के सदस्य भी थे, और 2020 से 2022 तक भारतीय जनता पार्टी, त्रिपुरा के अध्यक्ष थे. वह 2016 से भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं और 2016 से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य थे.
साहा 2016 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य थे. वह 2020 से 2022 तक भारतीय जनता पार्टी, त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष बने. जून 2022 में, साहा विधायक चुने गए. वह त्रिपुरा में साम्यवाद के कड़े आलोचक हैं. उन्होंने खुद को साम्यवाद विरोधी और एक प्रतिबद्ध पूंजीवादी घोषित किया है.
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा का कहना है कि प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से अब तक लगभग दो लाख लोगों को लाभ पहुंचाया गया है. यह योजना इस तरह से बनाई गई है कि लास्ट माइल तक हर बेनिफिशियरी को सीधे फायदा मिले. हम सभी जगह निरंतर विकास कार्य कर रहे हैं और हर दिन नई प्रगति देखने को मिल रही है. सरकार ने यह जिम्मेदारी अपने चुने हुए प्रतिनिधियों को सौंपी है ताकि सभी नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके. यही हमारी प्राथमिकता है और हम इसे पूरी मेहनत और निष्ठा से पूरा कर रहे हैं.
त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण का बिल वर्ष 2025 में लोकसभा में 16 दिसंबर को पास हुआ. इसके बाद यह बिल राज्यसभा से भी पारित हुआ और राष्ट्रपति के स्वीकृति से यह एक्ट बन गया. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है.
त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा ने पीेएम नरेंद्र मोदी द्वारा 'मन की बात' कार्यक्रम को विस्तार से सुना. इससे पहले दिल्ली की सीेएम रेखा गुप्ता और हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी भी 'मन की बात' सुनते नजर आए. ये पीेएम मोदी के 129वीं 'मन की बात' थी, जिसमें उन्होनें देश की जनता के सामने अपनी बात रखी.
शक्ति पीठ माने जाने वाले इस मंदिर का पुनर्विकास केंद्र सरकार की PRASAD (पिलग्रिमेज रिजुवनेशन एंड स्पिरिचुअल ऑगमेंटेशन ड्राइव) योजना के तहत 51 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्थ-ईस्ट दौरे पर बोलते हुए त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा ने कहा कि पहले यह क्षेत्र हिंसा के लिए जाना जाता था, लेकिन अब कई समझौतों के बाद यहां शांति स्थापित हुई है. कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है. नॉर्थ ईस्ट में रेलवे, नेशनल हाईवे, एयरवेज और इंटरनेट का विकास हुआ है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा और त्रिपुरा की रहने वाली 19 साल की स्नेहा देबनाथ दिल्ली में छह दिनों से लापता थीं, अब उनका शव यमुना नदी से बरामद कर लिया गया है. पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है. पुलिस बीते कई दिनों से उसकी तलाश कर रही थी.
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को कहा,'अगस्त से बाढ़ से जूझ रहे त्रिपुरा के लिए केंद्र ने 25 करोड़ रुपये और जारी किए हैं. मैं राज्य को समर्थन देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देता हूं.' इससे पहले केंद्र सरकार ने प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष) से केंद्रीय हिस्से के रूप में 40 करोड़ रुपये वितरित किए थे.
इस समझौते के बाद NLFT ने कहा कि हमने सरकार पर भरोसा किया है. इसलिए 30 साल का सशस्त्र संघर्ष समाप्त कर रहे हैं. हमने अपनी शर्तों को साझा किया है.
ये टक्कर सोमवार सुबह नौ बजे के आसपास उस समय हुई, जब 13174 कंचनजंगा एक्सप्रेस अगरतला से सियालदाह जा रही थी. इस टक्कर में कंचनजंगा एक्सप्रेस के दो डिब्बे डिरेल हो गए. हर तरफ चीख-पुकार मच गई. टक्कर लगने की वजह से ट्रेन की बोगियां पटरी से उतर गईं.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कोई भी इतिहास नहीं बदल सकता, लेकिन हर कोई अपनी पिछली गलतियों से सीख सकता है और आगे बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि TIPRA मोथा और सभी आदिवासी दलों ने रचनात्मक भूमिका निभाई है और त्रिपुरा में भाजपा सरकार ने भी इस समझौते के प्रति ईमानदारी से काम किया है.
त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा ने योग सत्र में सक्रिय रूप से भाग लेकर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया. साहा ने इस दौरान अपने योग कौशल का भी प्रदर्शन किया. देखें वीडियो.
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली जल्द ही त्रिपुरा के पर्यटन को बढ़ावा देते नजर आएंगे. उन्होंने माणिक साहा सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. मंगलवार को कोलकाता में त्रिपुरा सरकार में पर्यटन मंत्री और अफसरों ने सौरव से मुलाकात की और राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ब्रांड एंबेसडर बनने का प्रस्ताव रखा.
त्रिपुरा में माणिक साहा के शपथ ग्रहण समारोह के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने टिपरा मोथा के प्रमुख प्रद्योत देबबर्मा से मुलाकात की. बैठक के बाद प्रद्योत ने कहा कि मैं गृह मंत्री को मिट्टी के बेटों की वास्तविक समस्याओं को समझने के लिए धन्यवाद देता हूं. साथ ही कहा कि हम सरकार में शामिल नहीं होंगे.
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद अब मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर बीजेपी में मंथन शुरू हो गया है, क्योंकि माणिक साहा के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक के नाम की भी चर्चा तेज है. ऐसे में बीजेपी असम फॉर्मूले पर बढ़ेगी या फिर माणिक साहा और प्रतिमा भौमिक के बीच संतुलन बनाने के लिए नया दांव चलेगी?
त्रिपुरा में बीजेपी के पक्ष में आए नतीजे इस बात की तस्दीक करते हैं कि बीजेपी ने गुजरात-उत्तराखंड की तरह यहां भी मुख्यमंत्रियों को बदलकर एंटी इनकंबेंसी फैक्टर की काट ढूंढ़ने में सफलता पाई है. हिमाचल प्रदेश और झारखंड में ऐसी स्थिति नहीं थी, तो यहां बीजेपी को चुनाव में जीत भी नहीं मिल पाई थी. अब बीजेपी के सामने कर्नाटक में इस फॉर्मूले को सफल साबित करने का चैलेंज है.
त्रिपुरा की 60 सीटों पर मतदान जारी है. त्रिकोणीय मुकाबले में सियासी पारा भी चढ़ा हुआ है. त्रिपुरा सीएम माणिक साहा ने भी वोट डाला और कहा कि राज्य में बीजेपी एक बार फिर सरकार बनाएगी. इस बीच टिपरा मोथा अध्यक्ष प्रद्योत देबबर्मा ने बड़ा बयान दिया है. देखें ये वीडियो.
त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा ने अगरतला में वोट डाला और साथ ही लोगों से वोटिंग की अपील भी की. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी त्रिपुरा के वोटर्स से अपील की है कि बढ़चढ़कर वोट डालें. त्रिपुरा में इस बार बीजेपी के लिए फ्रंट, लेफ्ट-कांग्रेस और टीएमसी से टक्कर है. मतदान के लिए त्रिपुरा के पोलिंग बूथों पर कड़ी सुरक्षा है. देखें शतक आजतक.
त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गए हैं. 60 विधानसभा सीटों के लिए 259 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है. मतदान के लिए 3,328 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं. 28 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. मुख्यमंत्री माणिक साहा अगरतला में वोट डालेंगे, बीजेपी के लिए ये साख बचाने की जंग है. देखें सुबह-सुबह की बड़ी खबरें.
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को मतदान होना है. इस बार का चुनाव 2018 से पूरी तरह से अलग है. बीजेपी अपनी सत्ता को बचाए रखने की जंग लड़ रही है तो कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरे हैं. टीएमसी और प्रद्योत देबबर्मन की नई पार्टी टिपरा मोथा पार्टी किंगमेकर बनने की जुगत में है.