मलविंदर सिंह कंग (Malvinder Singh Kang) पंजाब से आम आदमी पार्टी के नेता और आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. वे 18वीं लोकसभा के सदस्य हैं और संसद की रसायन एवं उर्वरक संबंधी समिति के सदस्य भी हैं.
मलविंदर सिंह कंग का जन्म 10 मार्च 1979 को मध्य प्रदेश के भिंड जिले के रायतपुरा में हुआ था. उनके पिता का नाम सुकत्तर सिंह और माता का नाम गुरमीत कौर है. उनका विवाह 30 दिसंबर 2009 को प्रदीप कौर से हुआ था. उनके दो बेटे हैं.
कंग ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से इतिहास में स्नातकोत्तर की शिक्षा हासिल की है. उन्होंने कानून की पढ़ाई भी की है और उनका पेशा कृषि तथा वकालत से जुड़ा रहा है. वे राष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबॉल भी खेल चुके हैं.
राजनीति में आने से पहले कंग भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई से जुड़े रहे. वे पार्टी में प्रदेश महासचिव और प्रवक्ता जैसे पदों पर रहे. वर्ष 2020 में कृषि कानूनों के विरोध के दौरान उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दिया और वर्ष 2021 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए.
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने उन्हें आनंदपुर साहिब सीट से उम्मीदवार बनाया. चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद वे पहली बार लोकसभा पहुंचे.
सांसद के रूप में कंग ने संसद में पंजाब से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं. इनमें किसानों की आय, न्यूनतम समर्थन मूल्य, कृषि क्षेत्र और केंद्र तथा राज्य के संबंध जैसे विषय शामिल हैं. उन्होंने पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था और किसानों से जुड़े मामलों पर भी अपनी बात रखी है.
शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी उन्होंने संसद में अपनी बात रखी है. उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति और उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए वित्तीय सहायता से जुड़े विषय उठाए.
इसके अलावा कंग ने पंजाब में सड़क, रेल, नागरिक सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े विषयों को भी संसद में उठाया है. फरवरी 2026 में उन्होंने आनंदपुर साहिब क्षेत्र में राष्ट्रीय पशुधन मिशन से जुड़ी योजनाओं और सुविधाओं को लेकर लोकसभा में सवाल किया था.
इस तरह मलविंदर सिंह कंग की राजनीतिक और संसदीय भूमिका पंजाब से जुड़े कृषि, शिक्षा, रोजगार, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक मुद्दों पर केंद्रित रही है.
पंजाब की सियासत में नशा, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास बड़े मुद्दे बने हुए हैं. ‘पंचायत आजतक में बीजेपी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने इन मुद्दों पर एक-दूसरे के दावों पर सवाल उठाए.