नींबू पानी (Lemon Water) भारत में आम तौर पर पिया जाने वाला एक बेवरेज है. इसे नींबू के रस, पानी और चीनी या नमक से तैयार किया जाता है. कई जगह इसे शिकंजी भी कहा जाता है. गर्मियों के मौसम में यह पेय घरों और दुकानों पर आसानी से मिल जाता है.
नींबू पानी बनाने के लिए सबसे पहले नींबू को काटकर उसका रस निकाला जाता है. इस रस को पानी में मिलाया जाता है. स्वाद के अनुसार इसमें चीनी, काला नमक, साधारण नमक या दोनों मिलाए जा सकते हैं. कुछ लोग इसमें भुना जीरा पाउडर और पुदीना भी डालते हैं. इसे ठंडा करके या सामान्य तापमान पर पिया जा सकता है.
नींबू पानी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला नींबू एक खट्टा फल है. नींबू का वैज्ञानिक नाम Citrus limon है. यह Citrus समूह का फल है. नींबू का पेड़ छोटे से मध्यम आकार का होता है. इसकी शाखाओं पर कांटे भी पाए जा सकते हैं. नींबू का रंग आमतौर पर हरा या पीला होता है. पकने के साथ इसका रंग हरे से पीला हो सकता है.
नींबू के रस में मुख्य रूप से साइट्रिक एसिड पाया जाता है. इसमें विटामिन C भी मौजूद होता है. नींबू के अलावा पानी और इस्तेमाल की गई सामग्री के आधार पर नींबू पानी की संरचना बदल जाती है. चीनी डालने पर इसमें कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है. नमक डालने पर इसमें सोडियम की मात्रा बढ़ जाती है.
भारत में नींबू पानी कई तरह से तैयार किया जाता है. मीठा नींबू पानी, नमकीन नींबू पानी और मसाला नींबू पानी इसके सामान्य रूप हैं. कुछ स्थानों पर इसमें सोडा भी मिलाया जाता है. सड़क किनारे ठेलों, रेस्तरां, कैफे और घरों में इसे अलग-अलग तरीके से बनाया जाता है.
नींबू पानी को भोजन के साथ या अलग पेय के रूप में लिया जाता है. इसे बनाने में बहुत कम समय लगता है. इसकी सामग्री भी सामान्य रूप से घरों में उपलब्ध रहती है. मौसम, स्वाद और स्थानीय परंपरा के अनुसार इसकी रेसिपी में बदलाव किया जाता है. नींबू पानी भारतीय खानपान में लंबे समय से इस्तेमाल होने वाला सामान्य पेय है.
Nimbu Masala Recipe: नींबू का रस निकालने के बाद उसके छिलकों को फेंकने की बजाय आप उनसे बाजार में मिलने वाली नींबू मसाला तैयार कर सकते हैं. नींबू मसाले का इस्तेमाल शिकंजी के अलावा फ्रेंच फ्राइज, पॉपकॉर्न, भुनी हुई सब्जियों और चाट भी कर सकते हैं. आइए आपको घर पर नींबू मसाला या लेमन पेपर सीजनिंग बनाने का तरीका बताते हैं.