जिमखाना क्लब (Gymkhana Club) देश की राजधानी नई दिल्ली के सबसे पुराने और चर्चित क्लबों में से एक है. यह क्लब सफदरजंग रोड पर स्थित है और लंबे समय से दिल्ली के सामाजिक और प्रशासनिक दायरे में अपनी मौजूदगी बनाए हुए है. क्लब का पता 2, सफदरजंग रोड है, जो लुटियंस दिल्ली के प्रमुख इलाकों में गिना जाता है.
पिछले कुछ वर्षों में क्लब कई विवादों में भी रहा. जुलाई 2014 में दिल्ली सरकार ने क्लब पर कार्रवाई शुरू की थी, क्योंकि क्लब पर करीब 2.92 करोड़ रुपये के लग्जरी टैक्स बकाया होने का आरोप लगा. इसके बाद अगस्त 2014 में यह मामला भी सामने आया कि क्लब कथित तौर पर बिना अनुमति के बोरवेल इस्तेमाल कर रहा था और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर रहा था.
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने उस समय क्लब को बंद करने का आदेश दिया था. हालांकि बाद में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर क्लब को बंद होने से राहत दी.
मई 2026 में क्लब फिर चर्चा में आया, जब सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़े सार्वजनिक हित का हवाला देते हुए क्लब को दो हफ्तों के भीतर परिसर खाली करने का आदेश दिया. इस फैसले के बाद क्लब की भविष्य की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई.
इस क्लब की शुरुआत 3 जुलाई 1913 को “इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब” के नाम से हुई थी. उस समय इसका गठन कोरोनेशन ग्राउंड, दिल्ली में किया गया था. क्लब के पहले अध्यक्ष स्पेंसर हारकोर्ट बटलर थे, जो उस दौर में यूनाइटेड प्रोविंसेज ऑफ आगरा एंड अवध के पहले गवर्नर थे.
साल 1928 में क्लब को नई राजधानी, नई दिल्ली में करीब 27.3 एकड़ जमीन स्थायी लीज पर दी गई. यह इलाका सर एडविन लुटियंस की योजना के तहत विकसित किए गए लुटियंस दिल्ली क्षेत्र का हिस्सा था. भारत की आजादी के बाद 1947 में क्लब के नाम से “इम्पीरियल” शब्द हटा दिया गया और इसका नाम दिल्ली जिमखाना क्लब हो गया.
लुटियंस दिल्ली का यह इलाका ऐतिहासिक महत्व भी रखता है. यहां पहले कई पुराने मकबरे, खंडहर, दीवारें और बाग-बगीचे मौजूद थे, जिन्हें ब्रिटिश काल में नई राजधानी के निर्माण के दौरान विकसित किया गया.
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ब्रिटिश दौर में बने दिल्ली जिमखाना क्लब को केंद्र सरकार ने 5 जून तक परिसर खाली करने का आदेश दिया है. जानें क्लब का इतिहास और पूरा विवाद. प्रबंधन का कहना है कि हजारों सदस्य और कर्मचारी इससे प्रभावित होंगे. क्लब ने सरकार से वैकल्पिक जमीन और भविष्य की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा है.
केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब को लुटियंस दिल्ली में स्थित 27.3 एकड़ के परिसर को 5 जून तक खाली करने का आदेश दिया है. सरकार ने भूमि और विकास कार्यालय के नोटिस के तहत सार्वजनिक उद्देश्य के लिए जमीन वापस लेने का हवाला दिया है. क्लब ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जहां 26 मई को सुनवाई होगी.
दिल्ली के ऐतिहासिक जिमखाना क्लब को केंद्र सरकार ने 5 जून तक अपनी जमीन और परिसर खाली करने का आदेश दिया है। यह जमीन लगभग 27.3 एकड़ में फैली है और इसे रक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जरूरी बताया गया है.
दिल्ली जिमखाना क्लब को 5 जून तक खाली करने के केंद्र सरकार के आदेश के खिलाफ क्लब के सदस्य अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं. सदस्यों ने सिग्नेचर कैंपेन शुरू किया है और इसे अपनी कानूनी लड़ाई का आधार बनाया है. सरकार ने इसे सुरक्षा जरूरतों के लिए जरूरी बताया है, जबकि सदस्य इसे अचानक लिया गया फैसला बता रहे हैं.
लुटियंस दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक क्लबों में शामिल दिल्ली जिमखाना क्लब अब बड़े बदलाव के दौर से गुजरने जा रहा है. केंद्र सरकार ने रक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर और जरूरी सरकारी परियोजनाओं का हवाला देते हुए क्लब को 5 जून तक परिसर खाली करने का आदेश दिया है.