गूगल पे (Google Pay) एक डिजिटल भुगतान मंच है, जिसका इस्तेमाल भारत में पैसे भेजने और प्राप्त करने के लिए किया जाता है. यह सेवा यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई व्यवस्था पर आधारित है. गूगल ने सितंबर 2017 में भारत में इस सेवा की शुरुआत तेज नाम से की थी. बाद में इसका नाम गूगल पे कर दिया गया.
गूगल पे के जरिए उपयोगकर्ता अपने बैंक खाते को जोड़कर डिजिटल भुगतान कर सकते हैं. इसका इस्तेमाल दुकानों पर क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान करने, किसी व्यक्ति को पैसे भेजने और विभिन्न सेवाओं के भुगतान के लिए किया जाता है. बिजली, पानी, गैस और अन्य बिलों के भुगतान के साथ मोबाइल रिचार्ज जैसी सुविधाएं भी इससे जुड़ी हैं.
भारत में गूगल पे का विस्तार छोटे दुकानदारों और कारोबारियों तक भी हुआ है. कारोबारियों के लिए गूगल पे फॉर बिजनेस सेवा शुरू की गई, जिसके माध्यम से वे डिजिटल भुगतान स्वीकार कर सकते हैं. भुगतान की जानकारी देने के लिए गूगल ने साउंडपॉड जैसी व्यवस्था भी पेश की है, जो भुगतान मिलने पर आवाज के जरिए सूचना देती है.
समय के साथ गूगल पे का दायरा डिजिटल भुगतान से आगे बढ़कर वित्तीय सेवाओं तक पहुंचा है. दिसंबर 2025 में गूगल ने फ्लेक्स नाम की डिजिटल सह-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड सेवा पेश की, जिसकी शुरुआत एक्सिस बैंक के साथ हुई.
जुलाई 2026 में गूगल ने गूगल पे में आस्क गूगल पे नाम की संवाद आधारित सुविधा पेश की. यह जेमिनी मॉडल पर आधारित है और उपयोगकर्ताओं को खर्च से जुड़ी जानकारी तथा कुछ वित्तीय विषयों को समझने में सहायता देने के लिए बनाई गई है.
इस तरह गूगल पे भारत में डिजिटल भुगतान और उससे जुड़ी वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में लगातार नए बदलावों के साथ आगे बढ़ रहा है.
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