फ्रेडरिक मर्ज (Friedrich Merz) जर्मनी के एक प्रमुख कंजर्वेटिव राजनेता हैं, जो जर्मनी के नए चांसलर होंगे. वह क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (CDU) के नेता हैं, जो पूर्व चांसलर एंजेला मर्केल की पार्टी है. मर्ज ने 2021 में पार्टी नेतृत्व का पद संभाला था. फरवरी 2025 में, जर्मनी में हुए चांसलर चुनाव में मर्ज की कंजर्वेटिव पार्टी गठबंधन ने जीत हासिल की. हालांकि, उनकी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, लेकिन वे बहुमत के करीब हैं, जिससे उनके लिए सरकार बनाना संभव प्रतीत होता है. वर्तमान चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ ने हार स्वीकार कर ली है.
फ्रेडरिक मर्ज का जन्म 11 नवंबर 1955 को जर्मनी के ब्रिलोन शहर में हुआ था. वे वकीलों के परिवार से आते हैं. उन्होंने 1976 में कानून की पढ़ाई की. उन्होंने 1981 में चार्लोट मर्ज से शादी की. वह जज हैं. दोनों के तीन बच्चे हैं.
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के अपनी बात रखी है. भारत दौरे पर मर्ज ने ईरानी नेतृत्व को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मौजूदा शासन अपने अंतिम दौर में है. उनके बयान से तेहरान पर वैश्विक दबाव और तेज हो सकता है.
अहमदाबाद में इंटरेशनल काइट फैस्टिवल का धमाकेदार आगाज हुआ है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर के साथ पतंग भी उड़ाई. इस काइट फैस्टिवल का आकर्षण इंटरनेशनल और नेशनल पतंगबाजों की रंग बिरंगी और अलग अलग तरह की पतंग हैं. इंटरनेशनल काइट फैस्टिवल में एक हजार से ज्यादा पतंगबाजी शौकीन हिस्सा ले रहे हैं. जिसमें 50 देशों के 135 पतंगबाज हैं.
जर्मन चांसलर भारत दौरे पर अहमदाबाद पहुंचे और काइट फेस्टिवल में प्रधानमंत्री मोदी के साथ शामिल हुए. इस काइट फेस्टिवल में पचास देशों के एक सौ पैंतीस अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज शामिल हुए, जिनमें चिली, कोलंबिया और दक्षिण कोरिया के प्रतिभागी भी थे. चांसलर ने साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने अहमदाबाद के इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में पतंग उड़ाकर भारत और जर्मनी के बीच दोस्ती का प्रतीक पेश किया. साबरमती रिवरफ्रंट पर दोनों नेताओं ने मिलकर पतंगबाज़ी की और इसे ‘काइट डिप्लोमेसी’ का नाम दिया. जर्मन चांसलर का भारत दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले गया है. इस दौरान 19 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र और जर्मन चांसलर ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया. इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने से जुड़े कई अहम समझौतों की जानकारी दी.
जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा की घोषणा की है. इससे जर्मनी के एयरपोर्ट के जरिए किसी तीसरे देश की यात्रा करने वाले भारतीयों को अब ट्रांजिट वीजा नहीं लेना होगा. यह फैसला जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की 12-13 जनवरी की भारत यात्रा के बाद जारी भारत-जर्मनी संयुक्त बयान में लिया गया.
डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से अमेरिका फिर से ग्रेट तो नहीं बनने वाला है, हां विश्व को जरूर बहुध्रुवीय बनाने की ओर धक्का लगा दिया है. भारत और यूरोप जिस तरह नजदीक आ रहे हैं वो इस इलाके में अमेरिका का महत्व खत्म भले न करे पर कम तो जरूर कर देगा.
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत के दौरे पर हैं. पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर के साथ मुलाकात की नई तस्वीर साझा की है. दोनों नेता कार में बैठे नजर आ रहे हैं. पीएम मोदी ने तस्वीर के साथ लिखा है कि भारत और जर्मनी के बीच साझा मूल्यों, व्यापक सहयोग और आपसी समझ के माध्यम से मित्रता लगातार मजबूत हो रही है.
भारत-जर्मनी रक्षा संबंधों में नई मजबूती आई. चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की 12-13 जनवरी 2026 की भारत यात्रा के दौरान संयुक्त सैन्य अभ्यास, MILAN और TARANG SHAKTI में भागीदारी, IFC-IOR में लायजन ऑफिसर, पनडुब्बी, C-UAS और यूरोड्रोन सहयोग पर सहमति बनी. डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप और आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ेगा.
गांधीनगर में भारत और जर्मनी के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया. जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक भारत दौरे पर हैं. इस मुलाकात में दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के साथ ही वैश्विक मुद्दों जैसे आतंकवाद पर भी चर्चा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के दौरान कहा कि आतंकवाद एक गंभीर वैश्विक खतरा है जो पूरी मानवता के लिए चुनौती पेश करता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की अहमदाबाद में आज द्विपक्षीय वार्ता है. यह मर्ज की चांसलर बनने के बाद पहली एशिया यात्रा है जिसमें वे व्यापार, निवेश, रक्षा एवं तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना चाहते हैं. पीएम मोदी ने वार्ता से मर्ज ने साबरमती आश्रम का दौरा किया. देखिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय गुजरात के अहमदाबाद दौरे पर हैं, जहां उन्होंने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने साबरमती रिवरफ्रंट में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का उद्घाटन किया. इस कार्यक्रम में दोनों नेताओं ने मिलकर पतंग उड़ाई और कार्यक्रम का शुभारंभ किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 जनवरी को अहमदाबाद में Bilateral वार्ता करेंगे. चांसलर बनने के बाद मर्ज की ये पहली एशिया यात्रा है, जिसका मकसद ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, डिफेंस और जरुरी टेक्निक में सहयोग बढ़ाना है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार, 12 जनवरी 2026 को अहमदाबाद में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. चांसलर बनने के बाद मर्ज की यह पहली एशिया यात्रा है, जिसका मकसद व्यापार, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग बढ़ाना है. पीएम मोदी सुबह साबरमती आश्रम पहुंच चुके हैं. अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में PM मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने मुलाकात की.
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपने दो दिन के दौरे पर अहमदाबाद पहुंच गये हैं. अहमदाबाद में सुबह करीब 11 बजे पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात होगी. ये मुलाकात कई मायनों में अहम मानी जा रही है. इस बैठक में 52,500 करोड़ रुपये की पनडुब्बी डील पर मुहर लग सकती है. इसके अलावा व्यापार, निवेश, रक्षा और अत्याधुनिक तकनीक में सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी. अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत यूरोप के साथ आर्थिक साझेदारी को और गहरा करना चाहता है. ऐसे में ये मुलाकात रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
अमेरिका के सख्त टैरिफ, यूक्रेन युद्ध और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ अपनी पहली एशिया यात्रा पर भारत आए हैं. इस दौरान अहमदाबाद में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा और अहम तकनीकों को लेकर विस्तृत बातचीत होगी.
यूरोप में एक और कॉल लीक हुआ है. इस लीक कॉल के कंटेंट ने यूरोप के नेताओं में ट्रंप को लेकर असुरक्षा और अविश्वास की भावना का पोल खोल दिया है. इस लीक कॉल में यूरोप के नेता साफ कहते हुए देखे जा सकते हैं कि जेलेंस्की को ट्रंप के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है.
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने यह संकेत दिया कि भले ही अमेरिका और रूस के बीच बातचीत की कोशिशें हुई हों, लेकिन जेलेंस्की और पुतिन की बैठक की संभावना अब भी शून्य है. यह बयान तब आया जब कुछ घंटे पहले ही रूस ने यूक्रेन पर रातभर मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमला किया.
जर्मनी के आम चुनावों में कंजर्वेटिव पार्टी की जीत के साथ ही फ्रेडरिक मर्ज के चांसलर बनने का रास्ता साफ हो गया. इस वक्त जब अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में बर्फ जमती दिख रही है, ऐन तभी मर्ज ने बड़ा बयान देते हुए जर्मनी को असल मायनों में अमेरिका से आजाद कराने की बात कर दी. बर्लिन को लेकर ऐसी बातें पहले भी हो चुकीं.
फ्रेडरिक मर्ज ने अमेरिका को चेताते हुए कहा है कि उन्होंने अपने सहयोगियों से मुंह मोड़ लिया है. इस वजह से यूरोप को अपनी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाना होगा. मर्ज ने काह कि यह यूरोप के लिए कयामत का समय है.
फ्रेडरिक मर्ज अवैध प्रवासियों को लेकर बेहद सख्त हैं. उन्होंने इस बार भी चुनाव प्रचार के दौरान जमकर अवैध प्रवासियों पर निशाना साधा था. इस जीत के बाद उनका फोकस इमिग्रेशन और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर होगा.