डेटा इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) आंकड़ों की बारीकियों को समझने वाले इंडिया टुडे ग्रुप के एक्सपर्ट जर्नलिस्ट्स की एक टीम है. ये आंकड़ों के जरिए समाचार और वर्तमान घटनाओं का विश्लेषण करने में दक्ष हैं. जहां पारंपरिक रिपोर्टिंग में कई अहम पहलू छूट जाते हैं, डीआईयू की रिपोर्ट्स उन खबरों और मुद्दों को लेकर एक खास नजरिया प्रदान करती हैं.
मेटा और गूगल की ऐड लाइब्रेरी के आंकड़ों के अनुसार, एक महीने में ₹6.38 करोड़ से अधिक का खर्च हुआ है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा को पीछे छोड़ दिया है. TMC और उसकी रणनीतिक एजेंसी ने मेटा प्लेटफॉर्म्स पर ₹2.4 करोड़ खर्च किए, जबकि भाजपा ने ₹1.35 करोड़ खर्च किया.
पढ़ाई के दबाव के अलावा बेरोजगारी भी आत्महत्या का एक बड़ा कारण रही है. NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 2019 में बेरोजगारी से जुड़े आत्महत्या के 2,851 मामले दर्ज किए गए थे. 2020 में यह संख्या बढ़कर 3,548 हो गई, जो इस अवधि का सबसे ऊंचा आंकड़ा है. 2021 में भी लगभग इतने ही मामले (3,541) सामने आए.
यूरोपीय संघ (EU) और भारत के बीच होने वाला यह समझौता दुनिया के सबसे बड़े सौदों में से एक हो सकता है, क्योंकि दोनों मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा हिस्सा प्रतिनिधित्व करते हैं.
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, 2020 में खुले मैनहोल और सीवर में गिरने से 140 हादसे हुए और 142 लोगों की मौत हुई. 2021 में 143 हादसों में 134 लोगों की जान गई. 2022 सबसे खतरनाक साल रहा, जब 207 हादसों में 207 मौतें दर्ज की गईं. 2023 में हादसों की संख्या कम हुई, लेकिन मौतें अब भी ज्यादा रहीं.
अमेरिका लंबे समय तक रूस से यूरेनियम मंगाता रहा. लेकिन 2024 में उसने एक कानून पास किया, जिसके तहत रूस में बना लो-एनरिच्ड यूरेनियम आयात करना प्रतिबंधित कर दिया गया. दिलचस्प बात ये है कि अमेरिका को रूस पर अपनी निर्भरता का एहसास तभी हुआ, जब उसने खुद उस पर रोक लगा दी.
ACLED (Armed Conflict Location and Event Data) के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा संघर्ष यूरोप, मिडिल ईस्ट और एशिया में हुए हैं. इन संघर्षों में देशों ने अपने पड़ोसी देश को नुकसान पहुंचाया और उनपर ड्रोन आदि हथियारों से हमले किए. इस बीच कई देशों ने अपने डिफेंस बजट को भी बढ़ाया. इसके अलावा अफ्रीका और लेटिन अमेरिका में राज्य स्तर पर भी कई युद्ध हुए.
ट्रंप ने फिर ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की इच्छा जताई है. वो भी राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर. ग्रीनलैंड दुर्लभ खनिज, पानी और आर्कटिक रणनीति के लिए महत्वपूर्ण है. चीन की दिलचस्पी अमेरिका को चिंतित करती रहती है. 2019 में खरीद प्रस्ताव ठुकराया गया था. थुले बेस पहले से अमेरिकी नियंत्रण में है. संसाधन और भू-रणनीति इसका मुख्य कारण है.
दिल्ली में इस साल दिसंबर के पहले तीन हफ्तों में न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग एक डिग्री कम रहा है, जिससे वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है और एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार पहुंच गया है. पिछले 15 वर्षों में यह सबसे कम औसत न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है.
एशिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे इंडोनेशिया, श्रीलंका, थाईलैंड, वियतनाम और फिलीपींस में भारी बाढ़ ने हजारों लोगों की जान ले ली है और कई घायल हुए हैं. इस प्राकृतिक आपदा ने टूरिज्म उद्योग को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे आर्थिक नुकसान भी हुआ है. कई देशों ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है और रेड अलर्ट जारी किया गया है.
अमेरिका को इस समूह से कितना खतरा महसूस हो रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस साल की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने BRICS देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी तक दे दी थी. सवाल यही है कि आखिर अमेरिका BRICS से इतना असहज क्यों है.?
विदेशी निवेशकों के भारतीय शेयर बाजार से पैसे निकालने के कारण रुपये पर दबाव बढ़ा है. इस गिरावट का असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा क्योंकि आयात महंगे हो जाएंगे, जिससे पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स और विदेश यात्रा महंगी होगी. बता दें कि 2025 में विदेशी निवेशकों ने $18 अरब के भारतीय शेयर बेचे हैं.
जम्मू और कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं. अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद यह पहला चुनाव है. यह चुनाव लोकसभा चुनाव 2024 की उच्च मतदान प्रतिशत को दोहरा पाएगा या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा.
एसएस राजामौली की फिल्म RRR के 'नाटू नाटू' सॉन्ग को बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का अवॉर्ड मिला है. इसके साथ ही गूगल ट्रेंड में फिल्म और गाने के सर्च में जबरदस्त इजाफा देखा गया है. DIU की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े आए हैं.
इंडिया टुडे की डेटा इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अपराध दर पर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का विश्लेषण किया. जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं.