दीपिंदर गोयल (Deepinder Goyal) भारत के सबसे सफल युवा उद्यमियों में से एक हैं, जिन्हें फूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म जोमैटो के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में जाना जाता है. पंजाब के मोगा में जन्मे दीपिंदर ने अपनी पढ़ाई आईआईटी दिल्ली से पूरी की. कॉलेज के दिनों में ही उनके भीतर उद्यमिता की रुचि पैदा हुई, जो आगे चलकर एक बड़े स्टार्टअप का रूप लेने वाली थी.
जोमैटो की शुरुआत 2008 में ‘फूडीबे’ नाम से हुई, जब दीपिंदर और उनके सह-संस्थापक पंकज चड्ढा ने ऑफिस में मेन्यू कार्ड्स को डिजिटल रूप देने का आइडिया सोचा. धीरे-धीरे यह छोटी पहल भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन फूड प्लेटफ़ॉर्म में बदल गई. आज जोमैटो लाखों रेस्तरां को ग्राहकों से जोड़ने और करोड़ों लोगों को रोजगार देने वाला एक विशाल नेटवर्क बन चुका है.
दीपिंदर गोयल अपनी तेज सोच, सादगी और जोखिम लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने चुनौतियों, जैसे प्रतिस्पर्धा, वित्तीय उतार-चढ़ाव और महामारी के बीच भी कंपनी को आगे बढ़ाया जोमैटो का स्टॉक मार्केट में लिस्ट होना भारतीय स्टार्टअप इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में से एक है.
जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने 18 साल लंबे सफर के बाद ग्रुप सीईओ पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है. 18 साल के लंबे सफर के इस बड़े फैसले के साथ उनकी निजी जिंदगी और शानदार लाइफस्टाइल भी सुर्खियों में आ गई है.
जोमैटो के सीईओ दीपेंद्र गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दिया है और कंपनी के अंदर इटर्नल ग्रुप में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं. अब कंपनी की कमान अलबिंदर ढींढसा संभालेंगे. यह बदलाव जोमैटो के नेतृत्व और संचालन में एक नए दौर की शुरुआत करते हैं, जिससे कंपनी की रणनीति और विकास की दिशा प्रभावित होगी. इसके तहत जोमैटो बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो रही है.
दीपिंदर गोयल का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब एटर्नल ग्रुप अपने विस्तार और रणनीतिक पुनर्गठन के दौर से गुजर रहा है. उनके इस्तीफे के बाद कंपनी की कमान अलबिंदर ढींडसा को सौंपी गई है.
Zomato के बॉस ने आंख के पास एक खास गैजेट को चिपकाया हुआ है, जिसको टेम्पल कहा जाता है. यह गैजेट अपने में बेहद ही खास है और जल्द ही लॉन्च होगा. यह गैजेट दिमाग में होने वाले फ्लो को सटीक, रियल-टाइम जानकारी देने का काम करता है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.