छपरौली (Chhaprauli) उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित एक नगर पंचायत है. यह जिला मुख्यालय से जुड़ा एक प्रमुख कस्बा है और प्रशासनिक रूप से बागपत जिले का हिस्सा है. छपरौली दिल्ली-एनसीआर के नजदीक स्थित होने के कारण आसपास के क्षेत्रों से सड़क मार्ग के माध्यम से जुड़ा हुआ है.
इतिहास की बात करें तो छपरौली का उल्लेख मुगल काल के प्रसिद्ध ग्रंथ 'आइन-ए-अकबरी' में मिलता है. उस समय यह दिल्ली सरकार (सूबा) के अंतर्गत एक परगना था. ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार यहां से शाही खजाने के लिए राजस्व एकत्र किया जाता था और सैन्य बल भी उपलब्ध कराया जाता था.
भौगोलिक दृष्टि से छपरौली लगभग 240 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है. इसके निकट यमुना नदी बहती है, जो उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पानीपत जिले के बीच प्राकृतिक सीमा का कार्य करती है. यह क्षेत्र मुख्य रूप से मैदानी भूभाग का हिस्सा है.
छपरौली की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है. आसपास के ग्रामीण इलाकों में गेहूं, गन्ना, धान और अन्य फसलों की खेती की जाती है. कस्बे में स्थानीय बाजार, बैंक, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी कार्यालय भी मौजूद हैं, जो आसपास के गांवों के लोगों की जरूरतों को पूरा करते हैं.
राजनीतिक रूप से भी छपरौली का विशेष महत्व रहा है. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत इसी विधानसभा क्षेत्र से की थी. इसके कारण यह कस्बा लंबे समय से राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है.
बागपत की छपरौली विधानसभा सीट राष्ट्रीय लोकदल का मजबूत गढ़ है, जहां दशकों से चौधरी चरण सिंह परिवार की राजनीतिक विरासत कायम है. इस सीट पर जाट और मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं.