scorecardresearch
 
Advertisement

बिठूर

बिठूर

बिठूर

बिठूर (Bithoor), उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित एक ऐतिहासिक नगर है. यह कानपुर शहर के केंद्र से लगभग 25 किलोमीटर उत्तर दिशा में गंगा नदी के दाहिने किनारे पर बसा है. प्रशासनिक रूप से बिठूर कानपुर महानगर क्षेत्र का हिस्सा है. यह क्षेत्र धार्मिक मान्यताओं और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास के कारण जाना जाता है.

प्राचीन समय में बिठूर को उत्पलारण्य के नाम से जाना जाता था. हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने यहां अश्वमेध यज्ञ किया था. यज्ञ पूरा होने के बाद इस क्षेत्र को ब्रह्मावर्त कहा गया. समय के साथ इसी नाम से जुड़े बदलावों के कारण बिठूर नाम प्रचलित हुआ.

मुगल काल के दौरान भी बिठूर का प्रशासनिक उल्लेख मिलता है. लगभग 1595 में अबुल फजल द्वारा तैयार किए गए आइन-ए-अकबरी में बिठूर को कन्नौज सरकार के अंतर्गत एक महल के रूप में दर्ज किया गया था. उस समय यहां से राजस्व प्राप्त होता था और मुगल प्रशासन के लिए सैनिकों की व्यवस्था भी की जाती थी.

बिठूर का इतिहास 1857 के भारतीय विद्रोह से भी जुड़ा हुआ है. पेशवा बाजीराव द्वितीय को ब्रिटिश शासन द्वारा बिठूर भेजा गया था. उनके दत्तक पुत्र नाना साहब ने बाद में बिठूर को अपना प्रमुख केंद्र बनाया. झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का भी बिठूर से संबंध रहा था.

19 जुलाई 1857 को जनरल हैवलॉक के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने बिठूर पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद ब्रिटिश सैनिकों ने नाना साहब के महल और नगर के कई मंदिरों को नुकसान पहुंचाया. उस समय बिठूर के लोगों पर भी कार्रवाई की गई और कई निजी घरों को लूटा तथा जला दिया गया.

आज बिठूर में गंगा नदी के किनारे स्थित कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल इसके पुराने इतिहास से जुड़े हुए हैं. सीता मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यता भी यहां की स्थानीय पहचान का हिस्सा है. नाना साहब से संबंधित स्मारक और बाजीराव द्वितीय के समय से जुड़ी पुरानी संरचनाएं भी बिठूर के इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं.
 

और पढ़ें

बिठूर न्यूज़

Advertisement
Advertisement