अर्जुन सिंह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हैं. वह कई बार विधायक और सांसद रह चुके हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत स्थानीय निकाय चुनाव से की थी.
अर्जुन सिंह का जन्म 2 अप्रैल 1962 को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में हुआ था. उनके पिता सत्यनारायण सिंह कांग्रेस के नेता थे और भाटपाड़ा विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे. अर्जुन सिंह ने शुरुआती पढ़ाई चश्मा-ए-रहमत हाई स्कूल से की. इसके बाद उन्होंने नैहाटी के ऋषि बंकिम चंद्र कॉलेज में दाखिला लिया, लेकिन राजनीति में सक्रिय होने के कारण अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके. शुरुआती दिनों में उन्होंने जूट मिल में मजदूर के रूप में भी काम किया.
उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1995 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में भाटपाड़ा नगरपालिका चुनाव जीतकर की. इसके बाद वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए और वर्ष 2001 में पहली बार भाटपाड़ा विधानसभा सीट से विधायक बने. इसके बाद उन्होंने लगातार चार बार इस सीट से जीत दर्ज की.
साल 2004 में अर्जुन सिंह ने बैरकपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. मार्च 2019 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. उसी वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने बैरकपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीतकर 17वीं लोकसभा के सदस्य बने. जून 2020 में उन्हें पश्चिम बंगाल बीजेपी का उपाध्यक्ष भी बनाया गया.
मई 2022 में अर्जुन सिंह दोबारा तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. हालांकि, मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने फिर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली. इसके बाद उन्होंने पार्टी के लिए सक्रिय रूप से चुनावी अभियान में हिस्सा लिया.
वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अर्जुन सिंह ने नोआपाड़ा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की. चुनाव के बाद उन्हें राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य की पहली बीजेपी सरकार के मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार सोमवार को सुबह 11 बजे लोक भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में किया गया. इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्य के राज्यपाल ने 35 बीजेपी विधायकों को नए मंत्रियों के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.