आचार्य बद्रीश जी महाराज (Acharya Badrish Maharaj) एक आध्यात्मिक गुरु हैं जो प्रयागराज के महर्षि आश्रम में श्रीमद्भागवत महापुराण सुनाने के लिए जाने जाते हैं. प्रयागराज में संगम तट स्थित महर्षि आश्रम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भी उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया था.
आचार्य बद्रीश जी महाराज का संबंध वृंदावन के धार्मिक और सामाजिक आयोजनों से भी रहा है. सार्वजनिक समाचार रिपोर्टों में उन्हें धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में उल्लेखित किया गया है. इस भूमिका में वे संगठन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और बैठकों में शामिल रहे हैं.
श्रीमद्भागवत कथा के अलावा आचार्य बद्रीश जी महाराज ने श्रीमद् देवी भागवत कथा का भी वाचन किया है. महर्षि संस्थान से जुड़े एक धार्मिक आयोजन में उन्होंने निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन श्रीमद् देवी भागवत कथा सुनाई थी. इस कार्यक्रम में यज्ञ, पूजन और धार्मिक पाठ के साथ कथा का आयोजन किया गया था.
धार्मिक आयोजनों के साथ उनका नाम वृंदावन में आयोजित सामाजिक और धार्मिक बैठकों से भी जुड़ा रहा है. वर्ष 2024 में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित एक बैठक में आचार्य बद्रीश की अध्यक्षता का उल्लेख समाचार रिपोर्ट में किया गया था. इसी तरह बसंतोत्सव से जुड़े एक कार्यक्रम में भी उनकी अध्यक्षता का उल्लेख मिलता है.
धीरेंद्र शास्त्री ने कथा के दौरान भगवान राम को सीधा और श्रीकृष्ण को टेढ़ा बताया था. उनके इस बयान पर संत समाज के कई लोगों ने नाराजगी जताई और राम-कृष्ण में भेद को सनातन परंपरा के विरुद्ध बताया. हालांकि, कुछ संतों ने उनका समर्थन भी किया. वीडियो में जानें मामला.