16 दिसंबर, 2012 ही वह तारीख थी, जब एक ज़िंदा और ज़िंदादिल लड़की को इसी समाज के 6 वहशी लोगों ने लाश में बदल दिया था. एक महीना गुजरने के बाद भी कई सवालों के जवाब अब तक नहीं मिल सके हैं.