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ना इंटरनेट ना ऐप, फिर भी दिख रहा कॉल करने वाले का नाम, कैसे काम कर रहा CNAP?

कॉल आने पर अब लोगों को नंबर के साथ ही नाम भी दिख रहा है. इसके लिए किसी ऐप, इंटरनेट या सब्सक्रिप्शन की जरूरत नहीं है. ये नाम हाल में शुरू हुई CNAP सर्विस के तहत दिख रहे हैं. ये सुविधा फिलहाल 4G और 5G नेटवर्क पर मिल रही है. हालांकि, इसे लेकर कुछ चुनौतियां भी हैं. आइए जानते हैं ये फीचर कैसे काम करता है.

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CNAP फीचर को रोलआउट कर दिया गया है. (Photo: Pixels)
CNAP फीचर को रोलआउट कर दिया गया है. (Photo: Pixels)

TRAI की ओर से हाल में कंज्यूमर्स के लिए नई सर्विस शुरू की गई है. कॉलर नेम प्रेजेंटेशन CNAP किसी कॉलर की पहचान बताता है. यानी किसी नंबर से अब फोन पर कॉल आएगी, तो उस पर नाम भी दिखेगा. यानी नाम और नंबर दोनों दिखेंगे. इस सर्विस के लिए इंटरनेट, ऐप या सब्सक्रिप्शन की जरूरत नहीं होगी.

ये सर्विस फ्री है और सभी यूजर्स को इसका फायदा मिलेगा. अगर आपको ये सर्विस नहीं मिल रही है, तो आने वाले दिनों में मिलने लगेगी. कई लोग इसे TrueCaller जैसी सर्विस समझ रहे हैं, लेकिन इन दोनों में कई अंतर हैं. आइए जानते हैं CNAP कैसे काम करता है. 

कैसे काम करता है CNAP? 

TRAI ने बताया है कि CNAP एक ऐसा सिस्टम है, जो यूजर्स को कॉलर की आधिकारिक रजिस्टर नाम की जानकारी देगा. यानी कोई नंबर किसके नाम से रजिस्टर है, इसकी जानकारी CNAP देता है. अगर आपने अपना नंबर माता या पिता के नाम पर लिया है, तो कॉल करने पर नंबर के साथ उनका ही नाम दिखाएगा. 

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हालांकि, जिन लोगों के पास आपका नंबर सेव है उनके साथ ऐसा नहीं होगा. उनके फोन में आपका नंबर उसी नाम से आएगा, जिससे उन्होंने सेव किया है. इस सर्विस को इस्तेमाल करने के लिए आपको इंटरनेट, ऐप या किसी सब्सक्रिप्शन की जरूरत नहीं है. ये फ्री ऑफ कॉस्ट है और सभी यूजर्स को मिलेगी. 

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फिलहाल ये सर्विस 4G औप 5G नेटवर्क पर काम कर रही है. संभव है कि आने वाले दिनों में ये पुराने मॉडल्स पर भी नजर आएगी. CNAP नेटवर्क लेवल पर सीधे टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए काम करता है. सभी टेलीकॉम ऑपरेटर किसी भी फोन नंबर से जुड़े तमाम डेटा बेस को रखते हैं. 

यह भी पढ़ें: सभी कॉल करने वालों का दिखेगा नाम... Jio, Airtel और Vi देंगे Truecaller जैसी सर्विस- रिपोर्ट

जैसे ये नंबर किसके नाम पर है और KYC का डेटा क्या है. जब कोई कॉल करता है, तो नेटवर्क उस नाम को दिखाता है, जिसके नाम पर वो नंबर रजिस्टर्ड है. हालांकि, इस सुविधा के साथ कुछ चुनौतियां भी हैं. 

क्या हैं चुनौतियां? 

CNAP के साथ सबसे बड़ी चुनौती उसका फीचर ही है. ये सर्विस नंबर के साथ उस नाम को दिखाती है, जिस पर नंबर रजिस्टर्ड है. ना कि उस नाम को जिससे नंबर इस्तेमाल किया जा रहा है. इसकी वजह से कई बार ऐसा हो रहा है कि जैसे ही आपको किसी नंबर से कॉल आता है. आपको एक नाम दिखता है, जो आपके लिए अनजान है. कई बार ये नाम कॉलर (जिसने कॉल की है) के नाम से अलग होता है. 

इसकी वजह से ये भी लग सकता है कि ये एक फ्रॉड कॉल है. संभव है कि वो फ्रॉड कॉल हो, लेकिन हर अनजान कॉल फ्रॉड कॉल नहीं हो सकती है. जहां ट्रूकॉलर पर आपको कॉलर का नाम दिखता है. वहीं CNAP पर आपको रजिस्टर्ड नाम दिखता है. ऐसे में स्पैम कॉल्स की जानकारी भी नहीं हो पाती है. 

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TrueCaller पर भी दिख रहे नाम पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है. यूजर्स के पास उस नाम को एडिट करने की पावर होती है. वहीं CNAP के साथ दिक्कत ये है कि अचानक से लोगों को अनजान नाम से कॉल आने लगी हैं. पहले ये कॉल्स नंबर से आती थी, लेकिन अब नाम दिख रहा है. संभव है कि आने वाले दिनों में लोगों को इसकी आदत हो जाए, लेकिन इससे स्पैम और स्कैम कॉल वाली समस्या आसानी से खत्म नहीं होगी.

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