आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह जियोपॉलिटिक्स और वॉर टेक्नोलॉजी का हिस्सा बनता जा रहा है. अमेरिका में इस समय AI कंपनियों और Pentagon के बीच हुए एक डील को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.
दरअसल अमेरिकी रक्षा विभाग यानी Pentagon ने हाल ही में AI कंपनियों के साथ मिलकर अपने सिस्टम में AI टूल्स इस्तेमाल करने की योजना बनाई. लेकिन इस फैसले के बाद OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों के अंदर ही कर्मचारियों के बीच बहस छिड़ गई.
Pentagon और AI कंपनियों के बीच क्या हुआ?
मामला तब शुरू हुआ जब अमेरिकी सरकार ने AI कंपनियों से उनके मॉडल को मिलिट्री और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कामों में इस्तेमाल करने की बात कही.
Anthropic, जो Claude नाम का AI मॉडल बनाती है, ने इस पर आपत्ति जताई. कंपनी का कहना था कि उसका AI मास सर्विलांस या ऑटोनोमस वेपन्स जैसे कामों के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. यही वजह रही कि Pentagon और Anthropic के बीच टकराव बढ़ गया.
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OpenAI ने Pentagon के साथ कर लिया समझौता
Anthropic के पीछे हटने के बाद OpenAI ने Pentagon के साथ डील साइन कर ली. इस डील के तहत OpenAI के AI मॉडल्स को सरकारी और डिफेंस सिस्टम में इस्तेमाल किया जा सकता है.
हालांकि OpenAI के CEO Sam Altman ने बाद में कहा कि इस समझौते में कुछ सुरक्षा शर्तें भी शामिल की गई हैं, जैसे AI का इस्तेमाल घरेलू निगरानी या पूरी तरह ऑटोनोमस हथियारों के लिए नहीं किया जाएगा.
आपको बता दें कि विवाद बढ़ता देख OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने इस डील को रिवाइज करने का दावा किया. लंबे चौड़े पोस्ट में उन्होंने ये साबित करने की कोशिश की है कि वो नहीं चाहते हैं कि OpenAI के यूज सरकार या कोई और मास सर्विलांस ये ऑटोनोमस वेपन बनाने के लिए करे.
कर्मचारियों के बीच क्यों छिड़ी बहस?
इस डील के बाद कई टेक कंपनियों के कर्मचारियों ने चिंता जताई कि AI का सैन्य इस्तेमाल भविष्य में खतरनाक साबित हो सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक Google और OpenAI के सैकड़ों कर्मचारियों ने एक खुला पत्र लिखकर AI को सर्विलांस और ऑटोनोमस वेपन्स में इस्तेमाल करने का विरोध किया.
अमेरिका में इस डील के बाद लोगों ने तेजी से OpenAI के चैटबॉट ChatGPT को तेजी से अपने मोबाइल से हटाना शुरू कर दिया. इसी वजह से Anthropic का क्लाउड नंबर-1 बन गया.
वहीं कुछ कर्मचारियों का कहना है कि अगर AI का इस्तेमाल जिम्मेदारी से किया जाए तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया विश्लेषण में मददगार हो सकता है. Open AI के कुछ कर्मचारी सोशल मीडिया पर खुल कर पोस्ट कर रहे हैं. उनका कहना है कि OpenAI ने पेंटागन के साथ जो डील की है वो गलत है.
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AI कंपनियों के बीच भी बढ़ी रेस
इस पूरे विवाद ने AI इंडस्ट्री के अंदर एक बड़ा विभाजन भी दिखाया है. एक तरफ OpenAI और कुछ टेक कंपनियां मानती हैं कि AI का इस्तेमाल सरकार और सेना के साथ मिलकर किया जा सकता है. दूसरी तरफ Anthropic जैसी कंपनियां मानती हैं कि AI को खास सीमाओं के अंदर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए ताकि इसका दुरुपयोग न हो.
क्यों अहम है यह विवाद?
AI अब सिर्फ चैटबॉट या टेक टूल नहीं रहा. इसका इस्तेमाल इंटेलिजेंस एनालिसिस, सैटेलाइट डेटा और युद्ध रणनीति में भी किया जा रहा है. अमेरिकी रक्षा विभाग का Project Maven जैसे प्रोग्राम पहले से AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो सैटेलाइट और ड्रोन डेटा का विश्लेषण करके संभावित टारगेट की पहचान करने में मदद करता है.