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इंसानों से स्मार्ट हो जाएंगी मशीनें, दिमाग से ज्यादा पावरफुल डेटा सेंटर..., 'AI के कोल्ड वॉर' में छिपे मैसेज!

भारत में चल रहे India AI Impact Summit 2026 में दो टेक टायकून ने भले ही मंच पर दूसरे से हाथ न मिलाया हो, लेकिन इस वायरल दृश्य के बावजूद मानवता के भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के योगदान को लेकर दोनों ही लीडर लगभग एक ही दिशा में सोचते हैं. दोनों का की कहना है कि कुछ ही सालों में मशीन इंसानों से ज्यादा काबिलियत हासिल कर लेंगे.

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AI समिट में PM मोदी, सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोडेई. (Photo: AFP)
AI समिट में PM मोदी, सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोडेई. (Photo: AFP)

दिल्ली में चल रहा एआई इम्पैक्ट समिट तकनीक जगत के दो बड़े दिग्गजों के बीच का 'AI कोल्ड वॉर' बन गया. ओपेन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और  Anthropic के सीईओ डारियो अमोडेई बगल-बगल खड़े थे, लेकिन हाथ नहीं मिलाए. लेकिन जब इन दोनों ने जब अपने-अपने भाषण दिए, तो मानवता के भविष्य में AI के योगदान को लेकर उनके विचार पूरी तरह एक जैसे निकले.

ऑल्टमैन ने कहा कि हम असली सुपर इंटेलिजेंस के शुरुआती वर्जन से बस कुछ ही साल दूर हैं. अगर हम सही हैं तो 2028 के आखिर तक दुनिया की ज़्यादा इंटेलेक्चुअल कैपेसिटी डेटा सेंटर के बाहर के बजाय अंदर हो सकती है.

वहीं  Anthropic के सीईओ डारियो अमोडेई ने भी कहा कि AI को इंसानों की सोचने-समझने की काबिलियत से आगे निकलने में बस कुछ ही साल लगेंगे.

कट्टर प्रतिद्वंद्विता के बावजूद 40 साल के ऑल्टमैन और 43 साल के डारियो ने AI को सभ्यता का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बताया. जहां अपार अवसरों के साथ जोखिम भी हैं, लेकिन जिम्मेदार विकास से यह अरबों मनुष्यों का जीवन सुधार सकता है. 

कुछ ही साल में आने वाला है AI का सुपर इंटेलिजेंस

ओपेन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने सुपरइंटेलिजेंस के शुरुआती रूप अगले कुछ सालों में सामने आ सकते हैं. यानी मशीन इंसान से ज्यादा सयाने हो जाएंगे.

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ऑल्टमैन ने कहा कि 2028 के आखिर तक डेटा सेंटर के अंदर बाहर से ज़्यादा इंटेलेक्चुअल कैपेसिटी हो सकती है. उन्होंने कहा कि भविष्य के सिस्टम इंसानी CEO और लीडिंग रिसर्च साइंटिस्ट से बेहतर परफॉर्म कर सकते हैं. 

ऑल्टमैन के बयान का अर्थ है कि आज दुनिया की ज्यादातर बुद्धिमत्ता इंसानों के दिमाग में है. जैसे- वैज्ञानिक, इंजीनियर, CEO, डॉक्टर, आर्टिस्ट, रिसर्चर आदि के ब्रेन में. 

लेकिन ऑल्टमैन का कहना है कि AI के तेज विकास से डेटा सेंटर्स जहां बड़े-बड़े GPU क्लस्टर, AI मॉडल चलते हैं, वहां इतनी ज्यादा कंप्यूटिंग पावर और एडवांस्ड AI सिस्टम आ जाएंगे कि कुल मिलाकर AI की बौद्धिक क्षमता पूरी मानवता की बौद्धिक क्षमता से ज्यादा हो जाएगी. 

यानी 2028 के अंत तक डेटा सेंटर्स के अंदर चल रहे AI सिस्टम कुल मिलाकर इंसानों से ज्यादा सोचने-समझने और नवाचार करने की ताकत रखेंगे. 

हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी टाइमलाइन अभी भी पक्की नहीं है. उन्होंने कहा, “हम गलत हो सकते हैं, लेकिन इस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है.”

इतिहास में पहली बार इंसानों से ज्यादा मशीनों में होगी बुद्धि

ऑल्टमैन ने अपने संबोधन में जॉब मार्केट पर AI के असर को माना. लेकिन उन्होंने इसका आशावादी नजरिया रखा. उन्होंने कहा, “AI नौकरियों को प्रभावित करेगा, लेकिन हमेशा नई चीजें मिलती हैं और इस बार भी बेहतर अवसर आएंगे, इसमें मुझे कोई संदेह नहीं है. उन्होंने कहा कि समाजों ने हमेशा तकनीकी बदलावों के साथ अनुकूलन किया है. 

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ऑल्टमैन ने इसे मानव के इतिहास का एक टर्निंग पॉइंट बताया, जब पहली बार इतिहास में मानव बुद्धि की कुल मात्रा से ज्यादा बुद्धि मशीनों में होगी. 

ऑल्टमैन का ये बयान पावर शिफ्ट की ओर इशारा करता है. इससे आर्थिक, वैज्ञानिक, सैन्य, राजनीतिक निर्णयों में AI का रोल बहुत बड़ा हो जाएगा. 

ऑल्टमैन ने इसे 'extraordinary statement' कहा और चेतावनी दी कि इसे गंभीरता से लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस तरह परमाणु हथियारों के कंट्रोल के लिए IAEA की जरूरत होती है वैसी ही ग्लोबल AI गवर्नेंस बॉडी की जरूरत पड़ेगी. ताकि यह शक्ति सुरक्षित और लोकतांत्रिक तरीके से इस्तेमाल की जा सके.

राइवलरी व्यक्तिगत है, लेकिन विजन सामूहिक

ऑल्टमैन और Anthropic के सीईओ डारियो अमोडेई की राइवलरी भले ही कॉरपोरेट वर्ल्ड की क्लासिक कहानी हो, लेकिन मैन और मशीन को लेकर उनका विजन सामूहिक है. 

ऑल्टमैन ने अपने संबोधन में जो कहा मशीनों और AI के भविष्य को लेकर डारियो अमोडेई ने भी लगभग ऐसा ही कहा. 

नई दिल्ली के भारत मंडपम कन्वेंशन सेंटर में अमोडेई ने पिछले दस सालों में AI क्षमताओं में हुई तेज़ी को एक एक्सपोनेंशियल कर्व बताया, जो "इंटेलिजेंस के लिए मूर के नियम" जैसा है. 

उन्होंने कहा कि समाज अब उस रास्ते पर काफी आगे बढ़ चुका है और अब बस कुछ ही साल बचे हैं जब AI मॉडल ज़्यादातर डोमेन में अधिकतर इंसानों की सोचने-समझने की क्षमता से आगे निकल जाएंगे. 

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कभी ऑल्टमैन की कंपनी में काम करने वाले अमोडेई ने मोबाइल देखकर अपना संबोधन देते हुए कहा, "AI मॉडल्स को ज़्यादातर चीजों के लिए अधिकतर इंसानों की सोचने-समझने की काबिलियत से आगे निकलने में बस कुछ ही साल लगेंगे. हम तेजी से उस चीज के करीब पहुंच रहे हैं जिसे मैंने डेटा सेंटर में 'जीनियस लोगों का देश' कहा है, AI एजेंट्स का एक ऐसा ग्रुप जो कई चीज़ों में ज़्यादातर इंसानों से ज़्यादा काबिल है और सुपरह्यूमन स्पीड से कोऑर्डिनेट कर सकता है."

डारियो अमोडेई ने इस बात की ओर साफ इशारा कर दिया कि कुछ ही सालों में शायद 3–5 साल, AI ऐसे स्तर पर पहुंच जाएगा जब वह अधिकतर कामों में इंसानों से ज्यादा स्मार्ट हो जाएगा. यह AGI (Artificial General Intelligence) की शुरुआत होगी, और दुनिया को इसके लिए तैयार होना चाहिए.

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