
साइबर ठगी का एक नया केस सोमवार को दिल्ली से सामने आया है, जहां विक्टिम को इंटरनेट से मोबाइल नंबर निकालना महंगा पड़ गया. इतना ही नहीं Truecaller ऐप्स भी उस नंबर को कस्टमर केयर का नंबर बता रहा था. विक्टिम के खाते से करीब 3 लाख रुपये उड़ा लिए हैं.
दिल्ली में रहने वाले भगवान सिंह Airtel की फाइबर इंटरनेट सर्विस Airtel Xstream Fiber का इस्तेमाल करते हैं. अचानक उन्होंने कंपनी के कस्टमर केयर को कॉल करने का सोचा और 25 नवंबर यानी सोमवार को वे करीब 3 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गए.
विक्टिम ने इंटरनेट पर Airtel Xstream Fiber के कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया. इसके बाद सर्च रिजल्ट में जो फोन नंबर नजर आया, उस पर कॉल किया.
इसके बाद विक्टिम ने अपनी प्रोब्लम के बारे में बताया. फिर फेक कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव ने आश्वासन दिया कि पूरी मदद की जाएगी. इसके बाद उन्होंने बातों-बातों में जरूरी डिटेल्स एक्सेस कर ली. फ्रॉडस्टर ने उनके फोन पर सपोर्ट देने के लिए कुछ ऐप्स इंस्टॉल कराए और रिमोटली फोन का OTP हासिल कर लिया.
आम तौर पर कस्टमर केयर सपोर्ट के लिए यूजर के फोन या सिस्टम पर रिमोट ऐप इंस्टॉल कराते हैं ताकि डिवाइस का ऐक्सेस लेकर सपोर्ट दिया जा सके. ऐसा ही इस मामले में भी हुआ, विक्टिम को इस बात का अंदाजा भी नहीं हुआ, क्योंकि उन्होंने खुद गूगल सर्च करके Airtel Xstream Fiber का नंबर निकाला था.
हैरान करने वाली बात यह है कि TrueCaller जैसे ऐप्स पर भी इस फेक नंबर भी पर Airtel Xstream Fiber कस्टमर केयर का नाम आ रहा था. आम तौर पर स्कैमर्स और स्पैम नंबर ट्रू कॉलर पर स्पैम कैटिगरी में ही दिखते हैं, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ.
विक्टिम ने बताया कि 25 नवंबर को उन्हें बैंक से तीन मैसेज मिले, जिसमें बताया कि उनके बैंक अकाउंट से रुपये कट गए हैं. यहां गौर करने वाली बात यह है कि इसमें 98710 रुपये के तीन कटौती हुई है. दो ट्रांसफर IMPS के जरिए हुए और एक ट्रांसफर UPI के जरिए हुआ. ये मैसेज मिलने के बाद विक्टिम के होश उड़ गए. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर इसकी कंप्लेंट दर्ज कराई.
हालांकि शियाकत करने के बाद अभी तक उन्हें कोई रेज्योलुशन नहीं मिला है. हमने भगवान सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि बैंक में भी उन्होंने रिपोर्ट करवाया है, लेकिन ICICI बैंक की तरफ से अभी तक उन्हें इसका कोई समाधान नहीं मिला है.
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साइबर ठगी के इस केस में विक्टिम के बैंक अकाउंट से टोटल 2.96 लाख रुपये की उड़ा लिए. कंप्लेंट के बाद विक्टिम को मैसेज रिसीव हुआ कि 1,275 रुपये की होल्ड किया गया है. साथ ही विक्टिम को करीबी पुलिस स्टेशन से संपर्क करने को कहा.
इंटरनेट पर मिलने वाले किसी भी नंबर या जानकारी पर आंख बंद करके यकीन ना करें. ये साइबर ठगों के नंबर हो सकते हैं. इसके बाद वे आपकी आंखों में धूल झौंक सकते हैं. इसके बाद वे बैंक डिटेल्स और OTP आदि हासिल कर सकते हैं. इसके बाद वे कई लाख रुपये का चूना लगा सकते हैं.
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साइबर ठगी से खुद को बचाने के लिए जरूरी है कि किसी भी शख्स के साथ बैंक डिटेल्स को शेयर ना करें. ऐसा करने से वे आपके बैंक अकाउंट में सेंध लगा सकते हैं. इस दौरान भूलकर भी वन टाइम पासवर्ड (OTP) को शेयर ना करें.
साइबर ठग अक्सर यूजर्स को एक लिंक भेज देते हैं और फिर विक्टिम से उस पर क्लिक करने को कहते हैं. जैसे ही विक्टिम लिंक पर क्लिक करते हैं. उसके बाद साइबर ठग स्पाई ऐप्स या अन्य तरीकों से फोन को हैक कर लेते हैं. इसके बाद वे बैंक खाता तक खाली कर देते हैं.