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ड्रैगन की चालाकी पर भारी पड़ा अमेरिका, चिप के लिए तरसेगा चीन!

अमेरिका को पता चला कि चीन की कंपनियां दूसरे देशों में ऑफिस खोलकर एडवांस AI चिप्स हासिल कर रही थीं. इस खुलासे के बाद अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया और नया नियम लागू कर दिया. अब चीन के लिए दुनिया की सबसे ताकतवर AI चिप्स तक पहुंच बनाना पहले जितना आसान नहीं रहेगा.

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31 मई 2026 को US डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स ने अपने हाई-एंड AI चिप्स के एक्सपोर्ट को लेकर नया नियम बनाया है. इसका मकसद यह  है कि अमेरिका में बनने वाली हाई-एंड चिप्स आसानी से चीन तक न पहुंच पाएं.

आखिर अमेरिका को ऐसा क्या पता चला कि उसे इतने सख्त नियम लागू करने पड़े? क्या यह चीन की कोई बड़ी चाल थी, जिसे समझने में अमेरिका को देर हो गई? आइए जानते हैं क्यों लागू हुआ यह नया नियम.

जानिए अमेरिका को चीन की चाल का कैसे पता चला?

पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है. सभी देश AI की रेस में आगे निकलने के लिए नई टेक्नोलॉजी बना रहे हैं. आने वाले समय में भी एआई की मांग और बढ़ने वाली है.

अमेरिका इस रेस में काफी आगे है और बड़ी क्वानितीत्य में हाई-एंड AI चिप्स का प्रोडक्शन कर रहा है. इसी वजह से चीन की नजर इन चिप्स पर थी. हालांकि, कई सालों से चीन की टेक कंपनियां सीधे तौर पर एडवांस AI चिप्स नहीं खरीद सकती थीं. इसके लिए एक खास तरीका अपनाया गया.

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जानिए एडवांस AI चिप्स पर रोक के बावजूद चीन तक कैसे पहुंच रही थीं चिप्स

चीन की टेक कंपनियां टेक्नोलॉजी के सेक्टर में आगे बढ़ने के लिए मलेशिया जैसे देशों में अपने ऑफिस खोलती थीं, उनका हेडक्वार्टर चीन में  होता था. नया ऑफिस खुलने के बाद अमेरिका से चिप्स मंगवाई जाती थीं और फिर वहां से उन्हें चीन भेज दिया जाता था.

इस गैप की वजह से अमेरिका को पता ही नहीं चल रहा था कि उसकी एडवांस AI चिप्स चीन तक पहुंच रही हैं.

क्या था अमेरिका का एक्शन?

जब अमेरिका को पता चला कि दूसरे देशों में ऑफिस खोलकर चिप्स चीन भेजी जा रही हैं, तो US डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स ने तुरंत एक्शन लिया. डिपार्टमेंट ने अनाउंस किया की जिस कंपनी का हेडक्वार्ट चीन में होगा, उसे सीधे चिप्स नहीं दी जाएंगी.
ऐसी कंपनियों को चिप्स खरीदने के लिए स्पेशल लाइसेंस की जरूरत होगी. इस नए नियम के बाद नॅशनॅलिटी से जुड़े इस लूपहोल को बंद कर दिया गया है.

चीन किन कंपनियों की चिप्स मंगवा रहा था?

अपनी टेक इंडस्ट्री को मजबूत बनाने के लिए चीनी कंपनियां से Nvidia के Blackwell और Rubin आर्किटेक्चर पर बैसेड AI चिप्स मंगवा रही थीं. इसके अलावा AMD के MI350X प्रोसेसर भी इस रास्ते से चीन पहुंच रहे थे.

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इन एडवांस टेक्नोलॉजी की मदद से चीन AI के सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ सकता था और फ्यूचर में अमेरिका को कड़ी टक्कर दे सकता था. लेकिन नए नियम लागू होने के बाद ऐसा करना अब काफी मुश्किल हो जाएगा.

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