पेरिस अटैक के बाद हैक्टिविस्ट ग्रुप Anonymous ने ISIS के खिलाफ साइबर वार
का ऐलान किया था. इस ग्रुप ने दावा किया है कि उन्होंने #OpParis और
#OpISIS के तहत ISIS के 20,000 से भी ज्यादा सोशल मीडिया एकाउंट हैक कर लिए
हैं.
Anonymous ने लगाया अमेरिकी कंपनी पर ISIS को मदद करने का आरोप
हाल ही में Anonymous ने यह भी दावा किया है कि अमेरिकी स्टार्टअप ने भी ISIS की वेबसाइट बचाने में उनकी मदद की है. इस ग्रुप का कहना है कि यह कंपनी ISIS से जुड़ी वेबसाइट्स और एकाउंट्स को हैक होने से बचाती है.
टेलीग्राम के सीईओ को थी पहले से जानकारी
इसके अलावा इंस्टैंट मैसेजिंग एप टेलीग्राम के सीईओ को भी इस बात की खबर थी कि ISIS से जुड़े लोग इंस्टाग्राम यूज कर रहे हैं. हाल ही में कंपनी ने ISIS के 78 एंकाउंट डिसेबल किए हैं.
Anonymous ने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा कि ISIS के खिलाफ साइबर वार आगे भी जारी रहेगा. जारी किए गए वीडियो की डिटेल में उन्होंने ISIS से जुड़े उन एकाउंट की लिस्ट भी दी है जिन्हें हैक किया गया है.
इस वीडियो में एक Anonymous मास्क पहने एक शख्स कहता है, 'ISIS हम तुम्हारे तमाम एकाउंट, वेबसाइट और ईमेल को हैक कर लेंगे और दुनिया के सामने तुम्हें एक्सपोज कर देंगे. अब इंटरनेट तुम्हारे लिए सुरक्षित नहीं है, तुम वायरस की तरह हो जिससे हम निपटना जानते हैं.'
आम लोगों से भी इस अभियान से जुड़ने का अपील की है. साथ ही लोगों के लिए एक गाइड भी जारी की है जिसमें उन्होंने ISIS से जुड़े एकाउंट को हैक करने का तरीका बताया है.
Anonymous के इस अभियान के बाद ISIS ने इन्हें IDIOT बताते हुए टेलीग्राम पर Anonymous की हैकिंग से बचने के लिए गाइडलाइन जारी की थी. जिससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि भविष्य में आतंकवादी संगठनों की ऑनलाइन प्रेजेंस को खत्म करने में Anonymous बड़ा रोल निभा सकता है.
ISIS को साइबर सिक्योरिटी दे रही हैं कुछ कंपनियां
हालांकि Anonymous ग्रुप्स के हैकर्स ISIS के एकाउंट हैक करने के साथ उनकी तमाम गतिविधियों पर नजर रखकर उन्हें पकड़वाने में भी अहम रोल निभा सकते हैं. इस ग्रुप के कुछ हैकर्स का मानना है कि एकाउंट हैक करना आसान है लेकिन उनकी एक्टिविटी और लोकेशन का पता लगाना मुश्किल भरा है. दरअसल, वे कई तरह के प्रॉक्सी यूज करके अपने I.P को ट्रैक नहीं होने देते और ऐसा करने में ISIS कुछ अमेरिकी कंपनियों की भी मदद लेते हैं.