उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से बीजेपी सांसद उदित राज द्वारा क्रिकेट में दलितों के आरक्षण की मांग को लेकर उनके और पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. उदित राज ने कहा था कि दलित होने की वजह से कांबली के साथ टीम में भेजभाव हुआ था जबकि कांबली ने ट्वीट कर उनके बयान से किनारा कर लिया और उन्हें अपने नाम का इस्तेमाल न करने की हिदायत दे डाली.
ने कहा कि कांबली ने अपने साथ हुए भेदभाव के बारे में उनसे जिक्र किया था लेकिन अब वो अपनी बात से पीछे हट रहे हैं. उन्होंने कहा, '4 दिन पहले ही मेरी विनोद कांबली से बात हुई थी. उन्होंने कहा था कि वो उनके साथ हुए भेदभाव को अपनी किताब में लिख रहे हैं. अब वो खंडन ऐसे कर रहे हैं, कि कहीं अलाइड सोसाइटी और पेज 3 में बायकॉट न हो जाएं.'
पेज 3 की चिंता छोड़ दलितों पर दें ध्यान
उदित राज ने कहा कि मैं विनोद कांबली से कहना चाहता हूं कि अलाइड सोसाइटी और पेज 3 की चिंता छोड़ दें और अपने 30 करोड़ दलित भाई की चिंता करें. उन्हें इनसे बहुत प्यार मिलेगा. बीजेपी सांसद ने कांबली से कहा था कि तुम्हें ये बात कुबूल करने पर कोई शर्मिंदगी नहीं होनी चाहिए कि तुम्हारा दलित होना ही क्रिकेट से तुम्हारे बहिष्कार का कारण बना.
you should not be shy of accepting that u r a Dalit and that was the reason of ur exclusion from cricket
— Dr. Udit Raj, MP (@Dr_Uditraj)
फिर दोहराई अपनी मांग
भारतीय क्रिकेट टीम में दलितों के रिजर्वेशन की मांग को एक बार फिर दोहराते हुए उन्होंने कहा, 'दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम में अश्वेत खिलाड़ियों के लिए रिजर्वेशन है, तो भारतीय टीम में दलित खिलाड़ियों के लिए रिजर्वेशन क्यों नहीं होना चाहिए. दलित खिलाड़ी भी होनहार हैं.'
'नहीं मिला आरक्षण तो उठाएंगे आवाज'
उदित राज ने कहा कि वो बीसीसीआई को इस मुद्दे पर एक लेटर लिखने वाले हैं. बीजेपी नेता ने कहा, 'अगर रिजर्वेशन नहीं मिला तो हम लोकतंत्र में विरोध करने का हर तरीका अपनाएंगे. सड़क से लेकर संसद तक अपनी आवाज उठाएंगे.' उदित राज ने कहा कि वो बीजेपी में 2014 में आए हैं लेकिन ये मांग 1997 से उठा रहे हैं.
'उदित राज को मिला मुंहतोड़ जवाब'
दूसरी तरफ कांग्रेस नेता और आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने कहा कि कांबली ने उदित राज को मुंहतोड़ जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि दलित खिलाड़ी क्रिकेट जगत में आ रहे हैं.